काले धन के खिलाफ यूपीए सरकार के अभियान के लिए एक और अच्छी खबर है। अब मध्य यूरोपीय देश लिचटेनस्टिन भी विदेश में टैक्स चोरी और काले धन की सूचनाओं को साझा करने के लिए हुए ओईसीडी समझौते में शामिल होने को तैयार हो गया है।
इस समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले सभी देशों के बीच टैक्स चोरी और काले धन से जुड़ी सूचनाएं खुद-ब-खुद साझा होती हैं। भारत इस समझौते पर हस्ताक्षर कर चुका है।
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अब लिचटेनस्टिन के भी इसमें शामिल होने से भारत को उसके नागरिकों के काले धन और टैक्स चोरी से जुड़ी सूचनाएं मिलने लगेंगी। समझा जाता है भारत के कई रईस अपने काले धन को जमा करने के लिए लिचटेनस्टिन के बैंकों का इस्तेमाल करते हैं।
पेरिस स्थित ऑर्गेनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक को-ऑपरेशन एंड डेवलपमेंट यानी ओईसीडी ने कहा है कि लिचटेनस्टिन जकार्ता में आयोजित होने वाले एक सम्मेलन में इस समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए सहमत हो गया है।
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पारदर्शिता और टैक्स संबधी जानकारियों को साझा करने पर बने ग्लोबल फोरम का यह सम्मेलन होने 21-22 नवंबर को जकार्ता में होगा।
लिचटेनस्टिन का ओईसीडी के समझौते पर हस्ताक्षर के लिए रजामंद होना भारत के काले धन विरोधी अभियान के लिए बेहद अहम है। इससे भारत इस देश से अपने नागरिकों की टैक्स चोरी और काले धन से जुड़ी जानकारी हासिल कर सकेगा। इस तरह काले धन की एक और गोपनीय दीवार गिर जाएगी।