भले ही रेल बजट में बिहार को तरजीह न मिली हो लेकिन आम बजट में राज्य को काफी कुछ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। सूबे की सत्ता पर काबिज जदयू का मानना है कि बजट के प्रावधानों से बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलने की राह आसान जरूर हो जाएगी।
बिहार की सबसे बड़ी मांग विशेष राज्य के दर्जे की है। राज्य विधानमंडल के दोनों सदन इस मांग के समर्थन में प्रस्ताव पारित करके केंद्र सरकार को भेज चुके हैं लेकिन अभी तक कोई निर्णय नहीं हो सका है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद भी इस मांग को कई बार उठा चुके हैं। सत्तारूढ़ जदयू इस मांग के समर्थन में 17 मार्च को नई दिल्ली में एक रैली का आयोजन भी कर रही है।
जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिवानंद तिवारी का कहना है कि केंद्र सरकार ने राज्यसभा में आश्वासन दिया है कि पिछड़े राज्यों को विशेष राज्य का दर्जा देने के मानकों में बदलाव पर विचार किया जा रहा है। अब देखना होगा कि केंद्र सरकार आम बजट में इस बारे में क्या प्रावधान करती है।