दिल्ली हाईकोर्ट ने भारती एयरटेल की 3जी सेवाओं पर सरकार द्वारा रोक लगाने के फैसले के खिलाफ पहले दिए गए स्टे ऑर्डर को रद्द कर दिया है।
कोर्ट के इस फैसले के बाद भारती एयरटेल को 350 करोड़ रुपये का जुर्माना भी सरकार को देना होगा। इससे पहले, भारती एयरटेल की याचिका पर हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने उसकी 3जी सेवाएं बंद करने के सरकार के फैसले पर रोक लगा दी थी।
हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के एक पैनल के इस फैसले को भारती एयरटेल के लिए तगड़ा झटका माना जा रहा है। साथ ही कंपनी की 3जी सेवाएं बंद होने की संकट भी मंडराने लगा है।
दूरसंचार मंत्रालय की ओर से इस मामले की पैरवी कर रही वकील मनीषा धीर ने बताया कि बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट की एक बेंच ने एयरटेल की 3जी रोमिंग सेवाओं पर सरकार द्वारा रोक लगाने के फैसले पर लगी रोक रद्द कर दी है।
हालांकि, धीर ने मामले की कोई विस्तृत जानकारी नहीं उपलब्ध कराई। दूसरी ओर, भारती एयरटेल के प्रवक्ता ने इस मामले पर तत्काल कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
कोर्ट के इस फैसले के बाद माना जा रहा है कि भारती एयरटेल द्वारा उपलब्ध कराई जा रही 3जी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। टेलीकॉम ऑपरेटर वोडाफोन और आइडिया सेल्युलर का भी सरकार के साथ इस मामले को लेकर विवाद चल रहा है।
क्या है मामला
देश की प्रमुख टेलीकॉम ऑपरेटर भारती एयरटेल ने आइडिया सेल्युलर और वोडाफोन के साथ मिलकर 3जी रोमिंग सेवा के लिए एक करार किया है। इस करार के तहत कंपनियों का जिन सर्किल में लाइसेंस नहीं है, वह उन सर्किल में भी 3जी सेवाएं अपने ग्राहकों को उपलब्ध कराती हैं।
दूरसंचार विभाग 3जी इंटर सर्किल रोमिंग करार को पहले ही अवैध घोषित कर चुका है। विभाग ने तीनों कंपनियों को 3जी रोमिंग सेवाएं बंद करने का निर्देश दिया और इन पर जुर्माना लगाया।
इसके खिलाफ भारती एयरटेल ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसमें हाईकोर्ट से भारती एयरटेल को दूरसंचार विभाग के इस निर्देश के खिलाफ स्टे ऑर्डर मिल गया था। साथ ही अदालत ने यह भी कहा था कि सरकार की ओर से लगाया गया जुर्माना कंपनी को फिलहाल चुकाने की कोई जरूरत नहीं है।