स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व में बैंकों के कंसोर्शियम ने किंगफिशर हाउस का कब्जा अपने अधीन ले लिया है।
करीब 7,000 करोड़ रुपये कर्ज की देनदारी वाली बंद पड़ी किंगफिशर एयरलाइंस का कॉरपोरेट आफिस किंगफिशर हाउस में है।
बैंक के इस कदम से कर्ज में डूबी विजय माल्या की स्वामित्व वाली किंगफिशर एयरलाइंस की मुश्किलें और बढ़ गई है।
पिछले सप्ताह बैंकों की तरफ से कब्जा नोटिस अंधेरी स्थित किंगफिशर हाउस के गेट पर चस्पा कर दिया गया था। अनुमान के मुताबिक इस प्रॉपटी की कीमत 93 करोड़ रुपये है।
किंगफिशर एयरलाइंस यात्रियों से वसूले गए सेवा कर का भुगतान सेवा कर विभाग को जमा करने में भी विफल रही है। इसलिए किंगफिशर की संपत्तियों में कर विभाग भी एक हिस्सेदार है।
सूत्रों का कहना है कि सेवा कर विभाग के साथ कुछ विवाद है और मामला अदालत के समक्ष है। इसलिए यह कहना मुश्किल है कि यह कितने समय में इन संपत्तियों से अपने पैसे की रिकवरी कर पाएंगे।