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किंगफिशर को नया कर्ज देने से बैंकों की तौबा

Sat, 06 Oct 2012 10:53 PM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
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वित्तीय संकट की वजह से तालाबंदी की शिकार हुई किंगफिशर एयरलाइंस पर सरकार और बैंकों ने कड़ा रुख अपना लिया है। पहले ही करीब 7 हजार करोड़ रुपये का कर्ज दे चुके बैंकों ने नया कर्ज देने से हाथ खड़े कर दिए हैं जबकि सरकार भी एविएशन मानकों को लेकर सख्त हो गई है। सात महीने से बकाया वेतन के भुगतान को लेकर अब तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलने से कर्मचारियों की निराशा बढ़ती जा रही है।
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किंगफिशर एयरलाइंस को सबसे ज्यादा 1400 करोड़ रुपये का कर्ज दे चुके एसबीआई बैंक के एक उच्च अधिकारी ने बताया कि अब कंपनी को नया कर्ज दिए जाने की गुंजाइश नहीं बची है। एयरलाइंस को कर्ज दे चुके सभी 17 बैंक अपनी धनराशि को लेकर चिंतित हैं।

हालांकि, आयकर विभाग की ओर से कंपनी के खातों पर रोक हटाने के बाद बैंक 60 करोड़ रुपये जारी करने पर राजी हो गए हैं। इससे सभी कर्मचारियों को ज्यादा से ज्यादा तीन महीने का वेतन मिल सकता है। अगर कंपनी दो-तीन महीने का वेतन भी बांट देती है तो कर्मचारी काम पर लौट सकते हैं।
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वहीं केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह ने इनकार किया है कि इस मामले में सरकार ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई। उन्होंने कहा कि अगर एयरलाइंस को सरकार छह महीने पहले ही बंद कर देती तब भी लोगों को परेशानी होती।

सिंह के मुताबिक, कर्मचारियों के बकाया वेतन के अलावा बड़ा सवाल यह है कि अब आगे एयरलाइंस का संचालन कैसे किया जाएगा। सिर्फ 60-70 करोड़ से एयरलाइंस नहीं चल सकती है। देखना होगा कि कंपनी डीजीसीए के नोटिस का क्या जवाब देती है और ऑपरेशन शुरू करने को लेकर उसकी क्या तैयारियां हैं। उड़ानों की सुरक्षा का सवाल भी अहम है।

एक साल में घाटा दोगुना
एविएशन क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि उड़ानें जारी रखते हुए कंपनी को रोजाना करीब 8 करोड़ का घाटा उठाना पड़ रहा था, जबकि सभी उड़ानें स्थगित होने पर भी रोजाना 4 करोड़ का घाटा हो रहा है। वर्ष 2010-11 में किंगफिशर का कुल घाटा 1027 करोड़ रुपये था जो 2011-2012 में बढ़कर 2328 करोड़ रुपये हो गया। मगर सरकार और बैंकों के नरम रुख के चलते किंगफिशर चलती रही।

एयर इंडिया के पायलटों ने भी मांगा बकाया वेतन
एयर इंडिया के पायलटों ने चार महीने से बकाया वेतन के भुगतान की मांग तेज कर दी है। पायलटों के संगठन ने बकाया भुगतान के मुद्दे पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री को पत्र लिखा है। इंडियन कमर्शियल पायलट एसोसिएशन की ओर से भेजे गए पत्र में चेतावनी दी गई है कि वेतन न मिलने से पायलटों में तनाव बढ़ता जा रहा है जिसकी वजह से कोई हादसा भी हो सकता है।
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