भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकों की परिचालन क्षमता में वृद्धि के मद्देनजर अधिसूचित वाणिज्यिक बैंकों को प्रशासनिक नियंत्रण के लिए बगैर अनुमति के बडे़ महानगरों में अपने कार्यालय खोलने की छूट दे दी है।
इस समय पूर्वोतर राज्यों एवं सिक्किम के अर्धशहरी, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों तथा टियर-2 से लेकर टियर-6 तक के शहरों में बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर बिना अनुमति के ऐसे कार्यालय खोलने की छूट है। रिजर्व बैंक ने अक्तूबर में अपनी मध्यावधि मौद्रिक नीति समीक्षा में बडे़ महानगरों में बैंकों को अपने कार्यालय खोलने की अनुमति दी है।
हालांकि रिजर्व बैंक ने यह भी स्पष्ट किया कि यह अनुमति नियामक एवं निगरानी मानकों पर दी जाएगी और उसके पास अनुमति नहीं देने का विकल्प भी है।
हालांकि रिजर्व बैंक ने स्पष्ट किया है कि दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में बैंकों को सेंट्रल प्रोसेसिंग सेंटर और सर्विस सेंटर खोलने के लिए पहले की तरह ही अनुमति लेनी पड़ेगी।
रिजर्व बैंक ने एक अलग अधिसूचना में बैंकों से कहा है कि बडे़ महानगरों, शहरी, अर्धशहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लीज अथवा किराए पर परिसर लेने संबंधी नीतियों एवं निर्देशों का सख्ती से पालन करना पडे़गा।