शीतल पेय बनाने वाली कंपनी पेप्सी इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल के ट्वेंटी-ट्वेंटी टूर्नामेंट के लिए टाइटल प्रायोजक बन गई है। पेप्सी ने एयरसेल को पछाड़कर बाजी मारी। यह करार पांच साल के लिए है, जो 2017 तक रहेगा।
पेप्सी ने 396 करोड़ रुपये का भुगतान करके प्रायोजन हासिल किया है। इससे पहले डीएलएफ पांच साल तक आईपीएल का टाइटल प्रायोजक था। डीएलएफ ने टाइटल प्रायोजक बनने के लिए 250 करोड़ रुपये का भुगतान किया था।
छठे संस्करण के लिए डीएलएफ ने अपने करार को जारी नहीं रखने का फैसला किया, जिसके बाद पेप्सी क्रिकेट टूर्नामेंट के साथ नए प्रायोजक के रूप में जुड़ गया। पेप्सी के अलावा सिर्फ एयरसेल ने प्रायोजक बनने के लिए प्रक्रिया में हिस्सा लिया था। एयरसेल ने इसके लिए 316 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा था।
आईपीएल अध्यक्ष राजीव शुक्ला ने बताया कि पेप्सी को यह प्रायोजन पांच साल के लिए मिला है, जो 2017 तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि आईपीएल से जुड़ी हर चीज को बेचने का हमारा रिकॉर्ड अभी तक काफी अच्छा रहा है।
पेप्सिको बेवरेज की कार्यकारी निदेशक दीपिका वारियर्स ने कहा कि हम इस बात से बेहद खुश हैं कि हमारी कंपनी का क्रिकेट के साथ एक बार फिर संबंध स्थापित हो गया है। हम क्रिकेट के साथ पिछले 20 सालों से जुड़े रहे हैं। ऐसे में आईपीएल एक बेहतरीन मंच है।