केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने साफ किया है कि सरकार गरीबों के विकास के लिए हरसंभव कदम उठाएगी। बैंकिंग संस्थाएं गरीबों को डूबते खाते वाला कर्जदार मान कर उसे कर्ज देने में कोताही नही बरतें।
चिदंबरम ने बताया कि छोटे कारोबारियों को अपना कामकाज बढ़ाने के लिए पैसों की जरूरत होती है। ऐसे में बैंकों को आगे बढ़कर इन लोगों की मदद करनी चाहिए। छोटे कारोबारी इंडियन इकोनॉमी के बहुत बडे़ हिस्सेदार हैं और उनकी प्रगति पर मुल्क की प्रगति निर्भर है।
वित्त मंत्री ने बताया कि स्टूडेंट्स को उच्च शिक्षा के लिए पैसों की आवश्यकता होती है। यदि बैंक इस काम में विद्यार्थियों की मदद करे तो उनका सपना पूरा हो सकता है।