किसान क्रेडिट कार्ड से आपने अगर कर्ज लिया है, तो उसके जरिए लिए सभी तरह के कर्ज पर आपको ब्याज में छूट का लाभ नहीं मिलेगा।
भारतीय रिजर्व बैंक ने नए निर्देश के तहत किसान क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाली छूट को सीमित कर दिया है। किसान केवल फसल उत्पादन की जरूरतों और फसल की कटाई के बाद हुए खर्च पर ही सात फीसदी की दर से कर्ज पा सकेंगे। दूसरी गतिविधियों के लिए कर्ज पर बैंक अपने सामान्य दर के हिसाब से ब्याज किसानों से लेंगे। जो कि अभी 12-14 फीसदी के बीच है।
किसान क्रेडिट कार्ड स्कीम के तहत तीन लाख रुपये तक के लिए एक साल की अवधि के कर्ज पर किसानों को सात फीसदी ब्याज की दर पर कर्ज मिलता है। इसी के तहत जो किसान समय पर कर्ज चुका देते हैं, उन्हें अतिरिक्त तीन फीसदी ब्याज की छूट मिलती है।
बुधवार को रिजर्व बैंक द्वारा जारी निर्देश के अनुसार किसान क्रेडिट के जरिए कृषि उत्पाद की मार्केटिंग , घरेलू जरूरतों के लिए, डेयरी से संबंधित पशुओं, तालाब में मछली पालन आदि के कर्ज, पंप सेट, स्प्रेअर आदि पर लिए गए कर्ज पर ब्याज में छूट का लाभ नहीं मिलेगा।
इसके अलावा रिजर्व बैंक ने कहा है कि जो किसान तीन फीसदी ब्याज के छूट के दायरे में आते हैं, अगर वह एक साल के बाद लिए गए कर्ज को चुकाते हैं, तो उस पर उन्हें समय पर कर्ज चुकाने के लिए तीन फीसदी की मिलने वाली छूट का लाभ नहीं मिलेगा।
रिजर्व बैंक के अनुसार ब्याज में छूट की पात्रता के निर्धारण के लिए बैंक किसान द्वारा कर्ज लिए जाने की तिथि और उसके कर्ज चुकाने की तिथि के आधार पर करेंगे। ऐसे में कर्ज की अवधि वित्त वर्ष या जनवरी से दिसंबर के आधार पर बैंक नहीं तय करेंगे। जिसका फायदा किसानों को मिलेगा।