मोदी सरकार के पहले बजट में ऑटो कंपनियां अपने लिए राहतों का इंतजाम करवाने में जुट गई हैं। फरवरी में पेश हुए अंतरिम बजट में यूपीए सरकार ने कार, दुपहिया और कमर्शियल वाहनों पर एक्साइज छूट का तोहफा दिया था। जिससे वाहनों की बिक्री बढ़ाने में काफी मदद मिली है।
सोमवार को ऑटो कंपनियों के संगठन सिआम के प्रतिनिधियों ने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर एक्साइज ड्यूटी में मिली छूट जारी रखने की मांग की है।
गौरतलब है कि अंतरिम बजट में ऑटो कंपनियों को मिली छूट 20 जून को समाप्त हो रही है। जिसे लेकर ऑटो इंडस्ट्री काफी में उहापोह की स्थिति बनी हुई है। बैठक के बाद निर्मला सीतारमण ने ट्वीट किया कि सिआम के प्रतिनिधियों के साथ उन्होंने ऑटो इंडस्ट्री से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की है।
अंतरिम बजट में मिली राहत के बाद कार, दुपहिया और कमर्शियल वाहनों पर एक्साइज ड्यूटी 12 फीसदी से घटकर 8 फीसदी रह गई थी। इनके अलावा यूपीए सरकार ने एसयूवी की एक्साइज ड्यूटी 30 फीसदी से घटाकर 24 फीसदी करने का फैसला किया था। ऑटो उद्योग बड़ी कारों पर भी एक्साइज ड्यूटी कम कराना चाहता है। इसके अलावा अलग-अलग तरह की कारों पर लगने वाले टैक्स को लेकर भी उद्योग जगत को कई समस्याएं हैं।
सोमवार को सौर ऊर्जा से जुड़ी कंपनियों के संगठन नेशनल सोलर एनर्जी फेडरेशन के प्रतिनिधियों ने भी वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की।