वह दिन अब दूर नहीं, जब गांवों में भी नकद जमा करने वाले एटीएम लग जाएंगे। यहीं नहीं, इसके लिए आपको एटीएम का पिन नंबर भी याद करने की जरूरत नहीं होगी।
नो-फ्रिल खाता धारक अपने उंगली के निशान से इस तरह के एटीएम से न केवल नकदी जमा कर सकेंगे, बल्कि उसे निकाल भी सकेंगे। यह सब संभव करेगा माइक्रो एटीएम।
ऐसे ही एक एटीएम को ग्रेटर नोएडा में एशियाई विकास बैंक के वार्षिक सम्मेलन में प्रदर्शित किया जा रहा है।
एटीएम का यह उन्नत रूप न केवल कम बिजली खपत वाला है, बल्कि बिजली न होने पर यूपीएस के जरिए भी कुछ समय तक काम करने में सक्षम है। यह सौर ऊर्जा के जरिए भी काम कर सकेगा। इसे गांवों के वातावरण को देखते हुए खास तौर से बनाया गया है।
सम्मेलन के इंडिया पवेलियन में बैंकों के बिजनेस कॉरस्पाडेंट एजेंट के रूप में काम कर रही कंपनी फाइनेंशियल इनक्लूजन नेटवर्क एंड ऑपरेशंस लिमिटेड (फिनो) ने अपने स्टाल में नकदी जमा करने वाले मशीन को प्रदर्शित किया, जो कि सामान्य एटीएम मशीन से कहीं छोटी है।
इस पर एक छोटी स्क्रीन है। इस मशीन के तहत नो-फ्रिल (जीरो बैलेंस) खाता धारक अपने खाते में नकद राशि जमा कर सकेंगे।
कंपनी के प्रतिनिधि के अनुसार खाताधारक को नकद जमा करने के लिए अपने स्मार्ट कार्ड को मशीन में डालने के बाद अपनी उंगली को एक निश्चित स्थान पर रखना होगा, जिसके बाद ग्राहक को स्क्रीन पर नकद राशि लिखने का संकेत मिलेगा। उसे टाइप करने के बाद नकद राशि को मशीन में लगानी होगी, जो कि मशीन खुद जमा कर लेगी।
यह मशीन छोटी होने की वजह से बिजली जाने पर यूपीएस बैकअप से भी कुछ समय तक चल सकेगी। कंपनी ने इसी तरह का छोटे एटीएम नकदी निकालने के लिए भी बनाया है। फिनो ने यह एटीएम, एनसीआर कंपनी के जरिए बनाया है। कंपनी इन एटीएम को लगाने के लिए देश के प्रमुख बैंकों से बातचीत कर रही है।
नकद जमा करने वाले बड़े एटीएम देश के प्रमुख बैंक बड़े शहरों में लगाना शुरू कर चुके हैं। इसके तहत भारतीय स्टेट बैंक सहित दूसरे बैंक विभिन्न कंपनियों के साथ कारोबारी समझौते भी कर रहे हैं। ऐसे में गांव के लिए भी इस तरह के एटीएम आने पर बैंकिंग सेवाएं काफी आसान हो सकेंगी।
एडीबी सम्मेलन में इसी तरह बिना शाखा के जरिए बैंकिंग सेवाओं मिलने के बारे में बेसिक्स सब-के आई ट्रांजेक्शन लिमिटेड कंपनी भी जानकारी दे रही है।
इसके तहत किस तरह बिजनेस कॉरस्पाडेंट नो-फ्रिल खाते खोलते हैं, उनके जरिए क्या-क्या सुविधाएं मिल रही हैं। इसकी जानकारी कंपनी अपने प्रतिनिधियों के जरिए दे रही है।