हवाई जहाज के ईंधन (एटीएफ) पर हर राज्य में अलग अलग कीमतों की वजह से विमानन उद्योग पर पड़ रहे दुष्प्रभावों से आहत केन्द्रीय नागरिक विमानन मंत्री पी अशोक गजपति राजू सभी राज्यों के नागरिक उड्डयन मंत्री/ सचिवों की मंगलवार को यहां बैठक बुलाई है। राजू चाहते हैं कि एटीएफ पर कर की दरें कम एवं सभी राज्यों में एक समान हों। इसके साथ ही इसकी कीमतें तय करने के तंत्र में समीक्षा के लिए केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक मंत्रालय से भी अनुरोध किया गया है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय से संबंधित संसदीय सलाहकार समिति के सदस्यों के साथ सोमवार को यहां आयोजित एक बैठक में राजू ने बताया कि एटीएफ के अलग अलग मूल्य से विमानन उद्योग पर पडऩे वाले दुष्प्रभाव से सरकार चिंतित है। इसके समानीकरण के लिए राज्यों के बीच सहमति बनानी होगी। इसी उद्देश्य से मंगलवार को सभी राज्यों के नगारिक उड्डय मंत्रियों/ सचिवों की यहां बैठक बुलायी गई है।
उन्होंने बताया कि केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय से भी एटीएफ के मूल्य निर्णारण प्रक्रिया में सुधार का अनुरोध किया गया है। यहां एटीएफ की ऊंची कीमतों की वजह से ही कई विदेशी एयरलाइनें भारत में अपना हब नहीं बनाना चाहती। उल्लेखनीय है कि इस क्षेत्र के देशों में प्रचलित एटीएफ मूल्य के मुकाबले भारत में एटीएफ की कीमतें करीब ३० फीसदी अधिक है।
समिति की बैठक में विमानन सुविधा से वंचित क्षेत्रों पर भी चर्चा हुई। सदस्यों को बताया गया कि राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में इस मसले पर भी चर्चा होगी और उनसे पूछा जाएगा कि इसमें केन्द्र सरकार की तरफ से क्या सहयोग चाहिए।
--शिशिर चौरसिया--