इस साल देश में कंपनियों ने इक्विटी बाजार से 39,000 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाई। रकम जुटाने के लिए कंपनियों का सबसे पसंदीदा जरिया पात्र संस्थागत निवेशकों (क्यूआईपी) से निवेश हासिल करना रहा। इसके अलावा कंपनियों ने ऑफर फॉर सेल (ओएफएस), आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ), अनुवर्ती सार्वजनिक निर्गम (अफपीओ) और संस्थागत नियोजन कार्यक्रम (आईपीपी) जैसे विकल्पों को भी इक्विटी बाजार से पूंजी जुटाने के लिए अपनाया।
खासबात यह रही कि वर्ष 2014 के दौरान शेयर बाजार में जबर्दस्त तेजी के बावजूद कंपनियों ने सीधे आम निवेशकों से रकम जुटाने के आईपीओ और एफपीओ जैसे उपायों को ज्यादा तरजीह नहीं दी। प्राइम डेटाबेस के प्रबंध निदेशक प्रणव हल्दिया ने बताया कि इस साल कंपनियों ने इक्विटी मार्केट से कुल 39,127 करोड़ रुपये जुटाए। यह 2013 में इक्विटी बाजार से जुटाई गई 45,440 करोड़ रुपये के मुकाबले कम है। इक्विटी बाजार से कंपनियों ने अबतक की सबसे बड़ी रकम 2010 में 99,022 करोड़ रुपये की जुटाई है।
हल्दिया के मुताबिक बाजार से पूंजी जुटाने के मामले में 2014 कंपनियों के लिए काफी अच्छा साल साबित हो सकता था, पर सरकार द्वारा कई सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (पीएसयू) के विनिवेश को टालने के चलते ज्यादा रकम नहीं जुटाई जा सकी। उन्होंने बताया कि इस साल बाजार से जुटाई गई कुल पूंजी का करीब 81 फीसदी क्यूआईपी के जरिए एकत्र किया गया। कंपनियों ने 31 क्यूआईपी के जरिए कुल 31,684 करोड़ रुपये की पूंजी इस साल एकत्र की। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का 8,000 करोड़ रुपये का इश्यू साल का सबसे बड़ा क्यूआईपी ऑफर रहा।
इसके अलावा कंपनियों ने करीब 5,000 करोड़ रुपये ओएफएस के जरिए अपने प्रोमोटर्स के जरिए जुटाए। कंपनियों ने यह राशि कंपनी में न्यूनतम 25 फीसदी सार्वजनिक हिस्सेदारी (पब्लिक शेयर होल्डिंग) रखने की सेबी की शर्त को पूरा करने के लिए जुटाई।
बाजार में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आम चुनाव के बाद केंद्र में एक मजबूत सरकार आने और बाजार के हालात सकारात्मक होने के बावजूद इस साल केवल छह आईपीओ आए। इनके जरिए कंपनियों ने कुल 1,261 करोड़ रुपये की पूंजी एकत्र की। बाजार में आईपीओ लाने वाली कंपनियों में मोंटे कार्लो फैशंस, शमेरू इंटरटेनमेंट, स्नोमैन लॉजिस्टिक्स, शारदा कॉर्पकेम ओर वंडेरला हॉलीडे शामिल रहीं। बाजार में इस साल केवल एक फॉलो-ऑन इश्यू इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (ईआईएल) का आया। कंपनी ने इसके जरिए 495 करोड़ रुपये जुटाए।