आम आदमी की जेब पर पेट्रोल, डीजल की बढ़ी हुई कीमतों का बोझ फिर से बढ़ने वाला है। तेल कंपनियां इस सप्ताह ही ईंधन मूल्यों की समीक्षा करने वाली हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ी कीमतों और मौजूदा एक्सचेंज दर को देखते हुए तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम एक रुपये और डीजल के 50 पैसे प्रति लीटर तक बढ़ाने का संकेत दिया है। माना जा रहा है कि बजट सत्र शुरू होने से पहले तेल कंपनियां ईंधन मूल्यों पर निर्णय ले लेंगी।
तेल कंपनियों की समीक्षा बैठक 15 फरवरी को होनी है। पेट्रोल बिक्री पर तेल कंपनियों को फिलहाल 1 रुपये 32 पैसे प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है। कंपनियां इस नुकसान में से करीब एक रुपये का बोझ आम आदमी की जेब पर डालना चाहती हैं।
वहीं, डीजल बिक्री पर कंपनियों को 9.22 रुपये लीटर का नुकसान हो रहा है। डीजल मूल्य में आंशिक इजाफे की स्वतंत्रता मिलने के बाद कंपनियां अंडर रिकवरी कम करने के लिए 40-50 पैसा प्रति लीटर का इजाफा करने का विचार कर रही हैं।
इंडियन ऑयल के चेयरमैन आरएस बुटोला ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ रहे हैं। कंपनी को पेट्रोल बिक्री पर फिलहाल नुकसान हो रहा है। इसलिए ईंधन मूल्य की समीक्षा जल्द की जाएगी।
गौरतलब है कि जनवरी में पेट्रोल के दाम 30 पैसे घटाए गए थे। लेकिन पिछले दो हफ्तों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत बढ़ी है। फिलहाल तेल कंपनियों को केरोसिन बिक्री पर 31.60 रुपये प्रति लीटर और घरेलू रसोई गैस सिलेंडर पर प्रति सिलेंडर 481 रुपये का घाटा हो रहा है।