निजी एयरलाइंस के दबाव के आगे आखिरकार नागर विमानन मंत्रालय को झुकना पड़ा है। घरेलू एयरलाइनों, निजी संचालकों और उड़ान प्रशिक्षण संस्थानों को विमान खरीदने की मंजूरी देने वाली समिति को नागर विमानन मंत्री अजित सिंह ने भंग कर दिया है।
अब ये अपनी जरूरत खुद तय कर एयरक्राफ्ट खरीद सकेंगे। उन्हें मंत्री की मंजूरी लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। नागरिक विमानन मंत्रालय की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि विमान खरीद की प्रक्रिया को उदार बनाने के लिए विमान खरीद समिति को भंग किया गया है।
अजित सिंह ने पिछले अक्टूबर में ही यह समिति गठित की थी। पिछले दिनों इंडिगो एयरलाइंस द्वारा 16 विमानों की खरीद का मामला इस समिति के हस्तक्षेप के चलते अटक गया था।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, विमान खरीद पर इस तरह के सरकारी नियंत्रण की शिकायत एयरलाइनों से सीधे प्रधानमंत्री से कर दी थी। मामले में पीएमओ के हस्तक्षेप के बाद भंग करने का फैसला किया गया है।