टाटा समूह की हिस्सेदारी वाली विमानन क्षेत्र की नई कंपनी एयर एशिया इंडिया को नागरिक उड्डयन मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) मिल गया है।
अब वह अधिसूचित ऑपरेटर परमिट (एसओपी) या उड़ान परमिट के लिए नागरिक विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के समक्ष आवेदन करेगी।
एयर एशिया के प्रमुख टोनी फर्नांडिस ने यह जानकारी देते हुए कहा कि एयर एशिया इंडिया को भारत सरकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने से मैं उत्साहित हूं।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने से कंपनी भारत में अपने मुख्यालय चेन्नई के लिए तीन विमानों का आयात कर सकेगी।
कंपनी के पास विमानों की उपलब्धता और विमानों के संचालन के लिए पर्याप्त कर्मचारी हवाई अड्डे पर पार्किंग की व्यवस्था और इंजीनियरिंग सुविधाओं की जांच के बाद डीजीसीए ने विमान का परिचालन शुरू करने के लिए एसओपी दिया है।
फिलहाल एयर एशिया थाईलैंड और मलेशिया के अलावा भारत में चेन्नई, बंगलूरू, तिरुचिरापल्ली, कोच्चि और कोलकाता के लिए उड़ानें संचालित करती है।
एयर एशिया इंडिया मलेशियाई एयरलाइन कंपनी एयर एशिया, टाटा संस और टेलेस्ट्रा ट्रेड प्लेस के प्रमुख अरुण भाटिया का संयुक्त उपक्रम है।
इसमें एयर एशिया की 49 फीसदी, टाटा संस की 30 और टेलेस्ट्रा की 21 फीसदी हिस्सेदारी है। पिछले महीने एयर एशिया इंडिया को गृह मंत्रालय ने सुरक्षा संबंधी मंजूरी दे दी थी।