बाजार नियामक सेबी ने पोंजी स्कीमों पर शिकंजा करने के सिलसिले को जारी रखते हुए उड़ीसा को अवैध तरीके से फंड जुटाने की गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किए जा रहे नए ठिकाने के तौर पर पाया है।
इसके तहत निवेशकों को जट्रोफा और सोने में निवेश के नाम पर ठगा जा रहा है।
इस राज्य के बाहर स्थित या यहां बड़े पैमाने पर मौजूदगी वाली कंपनियों की जांच अवैध सामूहिक निवेश स्कीम चलाने के लिए की जा रही है। इस क्षेत्र की 20 से अधिक कंपनियां के खिलाफ सेबी ने दंडात्मक कार्रवाई भी शुरू की है।
सेबी की कार्रवाई की जद में आए बड़े नामों में सनसाइन और ग्रीन राय समूह भी शामिल हैं। इन कंपनियों पर आगे जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
इस वर्ष की शुरुआत में सनसाइन समूह के मामले में एक आदेश पारित किया गया था। बाजार नियामक नियामक मामले की आगे जांच कर रहा है।
संदेह है कि ऐसी कंपनियों ने कुछ वर्षो में पैसा दोगुना करने, जट्रोफा प्लांट में निवेश, रीयल एस्टेट, सेवा कारोबार और कृषि से जुड़ी गतिविधियों सहित बड़े पैमाने पर रिटर्न के वादे के जरिए हजारों करोड़ रुपये जुटाए हैं।
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार ओडीसा अपने पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल की तर्ज पर फंड जुटाने वाली ऐसी अवैध गतिवधियों के लिए प्रमुख स्थल के तौर पर उभरा है।