केंद्रीय वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा ने मंगलवार को कहा कि भारतीय रुपया जल्द ही मौजूदा स्तर के आसपास स्थिर हो जाएगा। ज्ञात हो कि पिछले सप्ताह रुपए में भारी अवमूल्यन हुआ था और वह डॉलर के मुकाबले गिरकर 56.52 रुपए पर पहुंच गया।
शर्मा ने विदेश व्यापार नीति-2009-14 के वार्षिक परशिष्ट की घोषणा करने के बाद कहा कि यह एक संक्रमण का दौर है। रुपया जल्द ही मौजूदा कीमत के आसपास स्थिर हो जाएगा।
शर्मा ने कहा कि रुपए में अस्थिरता चिंता का एक विषय है, क्योंकि इसने देश की आर्थिक वृद्धि पर विपरीत असर डाला है। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था पर इसका विपरीत असर है।
पिछले महीने के अंत में रुपए में रिकार्ड गिरावट दर्ज की गई और डॉलर के मुकाबले इसकी कीमत अबतक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच कर 56.52 रुपए हो गई।
आंशिक रूप से परिवर्तनीय रुपए की कीमत इस सप्ताह 55-56 रुपए रही है। सोमवार को रुपए में थोड़ी मजबूती के बाद मंगलवार को रुपए की कीमत डॉलर के मुकाबले 55.91 रुपए रही।
शर्मा ने कहा कि सरकार रुपए में स्थिरता लाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के साथ मिलकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि विदेश व्यापार नीति का वार्षिक परिशिष्ट तैयार करते समय उन्होंने रुपए के अवमूल्यन को ध्यान में रखा है।
शर्मा ने कहा कि रुपए के कमजोर होने का हमारे वार्षिक आयात बिल पर असर पड़ेगा। स्पष्टतौर पर भारतीय अर्थव्यवस्था एक कठिन दौर से गुजर रही है।