उद्योग के प्रमुख आठ क्षेत्रों (कोर सेक्टर) के बेहतर प्रदर्शन से सरकार को बड़ी राहत मिल सकती है। अक्तूबर माह में कोर सेक्टर के प्रदर्शन में सालाना आधार पर 6.3 फीसदी की बढ़ोतरी रही।
अक्तूबर माह के दौरान कोर सेक्टर में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन कोयला क्षेत्र का रहा, वहीं प्राकृतिक गैस केउत्पादन में पहले की तरह गिरावट जारी रही। कोर सेक्टर के तहत कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, खाद, स्टील, सीमेंट व बिजली को शामिल किया जाता है। चालू वित्त वर्ष 2014-15 के अप्रैल-अक्तूबर में कोर सेक्टर की बढ़ोतरी दर 4.3 फीसदी रही। पिछले साल अक्तूबर में कोर सेक्टर में 0.1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस साल अक्तूबर माह में कोयले के उत्पादन में 16.2 फीसदी का इजाफा रहा। चालू वित्त वर्ष के दौरान कोयला उत्पादन की यह सबसे अधिक दर है। अक्तूबर में बिजली के उत्पादन में 13.2 फीसदी, रिफाइनरी में 4.2 फीसदी, स्टील में 2.3 फीसदी तो कच्चे तेल में एक फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
वहीं प्राकृतिक गैस के उत्पादन में 4.2 फीसदी, खाद में 7 फीसदी तो सीमेंट में एक फीसदी की गिरावट रही। पिछले साल अक्तूबर में कोयले के उत्पादन में 3.5 फीसदी, कच्चे तेल में 0.6 फीसदी, प्राकृतिक गैस में 13.5 फीसदी, तो रिफाइनरी उत्पाद में 5 फीसदी की गिरावट देखी गई थी।