भारतीय रिजर्व बैंक अगले साल मूल ब्याज दरों में 0.75 फीसदी तक की कटौती कर सकता है। इसमें से 0.50 फीसदी की कटौती जनवरी से मार्च की तिमाही में संभव है। यह संभावना दिग्गज अंतरराष्ट्रीय बैंक सिटी ग्रुप ने जताई है। सिटी ग्रुप की ओर से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि महंगाई के थोक मूल्य आधारित और खुदरा दोनों ही तरह के आंकड़ों में हाल की नरमी से महंगाई के दबाव में कमी केंद्रीय बैंक को अगली मौद्रिक समीक्षा में ब्याज दरों में कटौती के लिए प्रेरित कर सकती है।
रिजर्व बैंक की तीसरी तिमाही ऋण एवं मौद्रिक नीति की समीक्षा 29 जनवरी को होनी है। सिटी बैंक की अर्थशास्त्री रोहिणी मल्कानी ने अपनी रिसर्च रिपोर्ट में लिखा है। आरबीआई की ओर से आगामी तिमाही में दरों में आधे फीसदी तक की कटौती संभव है और यदि पूरे वर्ष 2013 की बात करें तो हमें तीन चौथाई फीसदी की कटौती की संभावना नजर आ रही है।
गौरतलब है कि 18 दिसंबर को पेश मध्य तिमाही समीक्षा में रिवर्ज बैंक में ब्याज दरों में कोई कटौती न करते हुए अगली समीक्षा में दरें घटाने के संकेत दिए थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि अर्थव्यवस्था का बुरा दौर गुजर गया है और आने वाले समय में सब्सिडी के कैश ट्रांसफर व कर सुधारों जैसे सुधारात्मक कदमों के चलते निवेश में तेजी आने के प्रबल आसार हैं।