बाजार मूल्य से कम कीमत पर डीजल, रसोई गैस और किरोसिन की बिक्री से तेल कंपनियों को हो रहे घाटे को पाटने के लिए सरकार जल्द ही 25 हजार करोड़ रुपये नकद सब्सिडी के अतिरिक्त किस्त का भुगतान करेगी। इस बाबत वित्त मंत्रालय ने पिछले हफ्ते तीनों कंपनियों इंडियन ऑयल, एचपीसीएल और बीपीसीएल को चिट्ठी लिखकर राहत पहुंचाई है।
सूत्रों की माने तो 25 हजार करोड़ रुपए में से इंडियन ऑयल को 13,474.56 करोड़ रुपये, बीपीसीएल को 5,987.25 करोड़ और एचपीसीएल को 5,538.19 करोड़ रुपये की प्राप्ति होगी। इससे पहले सरकार चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में 30 हजार करोड़ की किस्त सब्सिडी के रुप में दे चुकी है। अपस्ट्रीम कंपनियों की ओर से सब्सिडी के लिए 45 हजार करोड़ रुपए दिये जा चुके हैं।
पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक वर्तमान में डीजल बिक्री पर तेल कंपनियों को 9.22 रुपए प्रति लीटर, किरोसिन 31.60 रुपए प्रति लीटर और घरेलू रसोई गैस की बिक्री पर 481 रुपए प्रति सिलेंडर का नुकसान हो रहा है। जबकि इन तीनों इंधनों की बिक्री पर कंपनियों का कुल नुकसान 443 करोड़ रुपए का है। यही वजह है कि तेल कंपनियां लंबे समय से सरकार के इस ऐलान का इंतजार कर रही थी।