देश में नागर विमानन क्षेत्र के विकास में पंख लगाने के लिए केंद्रीय नागर विमानन मंत्रालय के सहयोग से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पहला इंटरनेशनल एविएशन कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। 11 से 13 दिसंबर के बीच आयोजन होने वाले इस कार्यक्रम में देश-विदेश की कई कंपनियां भाग ले रही हैं।
कार्यक्रम के आयोजक मंडल के मुख्य समन्वयक और वीटा एविएशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैप्टन जीएस राठी ने बताया कि देश के नागर विमानन क्षेत्र में इंटरनेशनल एविएशन कॉन्क्लेव इसलिए महत्वपूर्ण होगा कि इसमें अमेरिका, यूरोप एवं कुछ अन्य देशों की बड़ी कंपनियां आ रही हैं। इस दौरान भारतीय नागर विमानन क्षेत्र में करीब 14,000 करोड़ रुपये के निवेश के लिए समझौता भी हो सकता है।
उन्होंने बताया कि दिल्ली के प्रगति मैदान में होने वाले इस कार्यक्रम के तीन हिस्से होंगे। पहला हिस्सा कांफ्रेंस का होगा जिसमें नागरिक विमानन क्षेत्र में वैश्विक सहयोग, विभिन्न देशों की उदार नीतियां, भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बेहतर ग्रोथ मॉडल आदि की चर्चा होगी। उनके मुताबिक भारत में विमानों के रखरखाव (एमआरओ सर्विसेज) का बड़ा ही अच्छा भविष्य है पर इसे कैसे अंजाम दिया जाए, इस पर भी चर्चा होगी। यहां विदेशों के मुकाबले काफी सस्ते में प्रशिक्षित कर्मियों की मौजूदगी है, जरूरत है तो इस क्षमता के दोहन करने की।
कार्यक्रम का दूसरा हिस्सा प्रदर्शनी का होगा जिसमें दुनिया भर में चल रही तकनीक का प्रदर्शन किया जाएगा। तीसरा हिस्सा अवार्ड का होगा जिसमें क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले लोगों को पुरस्कृत किया जाएगा। देश के पूर्व महानिदेशक नागरिक उड्डयन (डीजीसीए) कानू गोहेन ने बताया कि देश में इस समय हजारों पायलट और फ्लाइट इंजीनियर मौजूद हैं। जरूरत है तो इन प्रशिक्षित लोगों के बेहतर उपयोग की। इसके लिए यह आयोजन श्रेयस्कर होगा। इसी दौरान देश में एक छोटे विमान का भी प्रदर्शन होगा जिससे इस देश के दूर-दराज या छोटे शहरों को जोड़ने की योजना कामयाब हो सकती है।