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सरकारी गोदामों से बेचा जाएगा एक करोड़ टन गेहूं

Thu, 24 Jul 2014 11:11 PM IST
अजीत सिंह / अमर उजाला दिल्ली
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महंगाई के मोर्चे पर जूझ रही मोदी सरकार ने सरकारी गोदामों से एक करोड़ टन गेहूं खुले बाजार में निकालने का फैसला किया है। इससे बाजार में गेहूं की आपूर्ति बढ़ेगी और कीमतों पर काबू पाने में मदद मिलेगी। बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) ने इस फैसले को मंजूरी दी है।
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भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के गोदामों के जमा अनाज को सरकार ओपन मार्केट सेल स्कीम (ओएमएसएस) के जरिए थोक उपभोक्ताओं को बेचती है। खाद्य मंत्रालय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इस बिक्री के लिए पुराने गेहूं का रेट 1500 रुपये प्रति कुंतल और नई फसल के गेहूं का रेट 1575 रुपये तय किया गया है। इससे न सिर्फ बाजार में गेहूं की आपूर्ति बढ़ेगी बल्कि सरकारी गोदामों पर अनाज भंडार का बोझ भी घटेगा। उपभोक्ता मामलों के विभाग के अंाकड़ों के अनुसार, पिछले साल के मुकाबले दिल्ली में गेहूं का थोक भाव करीब 250 रुपये प्रति कुंतल ज्यादा है। दिल्ली में गेहूं का थोक भाव 1850 रुपये प्रति कुंतल है जो पिछले साल 1600 रुपये था। जबकि करनाल और हिसार की मंडिय़ों में गेहूं 14500-1500 रुपये के बीच बिक रहा है।

सरकारी गोदामों में एक जुलाई को कुल 398 लाख टन गेहूं मौजूदा था, जो 201 लाख टन बफर नॉर्मस से करीब दोगुना अधिक है। वर्ष 2014-15 में 279 लाख टन से ज्यादा गेहूं की सरकारी खरीद हुई है, जबकि पिछले साल सरकारी एजेंसियों ने 250 लाख टन गेहूं खरीदा था।
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सड़े अनाज की जवाबदेही तय होगी
सरकारी गोदामों में अनाज को सडऩे से बचाने के लिए मोदी सरकार एक्शन प्लान बना रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खाद्य मंत्रालय को अनाज की बर्बादी रोकने के उपाय तलाशने को कहा है। जिसके तहत गोदाम से लेकर मंत्रालय तक अनाज सडऩे की जवाबदेही तय की जाएगी। यह एक्शन प्लान जल्द ही प्रधानमंत्री के सामने पेश किया जाएगा।
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