दुनिया की सबसे बड़ी खुदरा कंपनी वॉलमार्ट ने कहा है कि वह अमेरिका, भारत, ब्राजील और चीन में कारोबार बढाने के लिए अधिकारियों को रिश्वत दिए जाने के कथित आरोपों की जांच कर रही है। वॉलमार्ट उन कंपनियो में से एक है जो भारत में रिटेल सेक्टर में एफडीआई के जरिए कारोबार के लिए बेहद उत्साहित है।
वॉलमार्ट पर आरोप है कि कंपनी अपना कारोबार बढ़ाने के लिए अमेरिका के अलावा विदेशों में अधिकारियों को बडे़ पैमाने पर रिश्वत दे रही है। यदि जांच में वॉलमार्ट पर लगे आरोप सही निकले तो भारत में एफडीआई के खिलाफ विरोध और तेज होने का आशंका है।
कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर एक बयान में कहा कि अमेरिकी कानून एफसीपीए (विदेशी भ्रष्ट गतिविधि कानून) के संभावित उल्लंघन के आरोपों की जांच जारी है। यह जांच मैक्सिको, ब्राजील, चीन और भारत में की जा रही है। उल्लेखनीय है कि अमेरिकी कानून एफसीपीए के तहत विदेश में सरकारी अधिकारियों को घूस नहीं दी जा सकती।
आर्थिक विश्लेषकों का कहना है कि वॉलमार्ट के अधिकारियों पर रिश्वत के आरोप बेहद गंभीर हैं। वॉलमार्ट और अमेरिकी अधिकारियों को इस मामले की गंभीर जांच करनी चाहिए। यदि ये आरोप सच हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। विशेषकर भारत के संदर्भ में यह बेहद मायने रखता है क्योंकि सरकार ने हाल ही में सिंगल ब्रांड रिटेल में 51 फीसदी विदेशी निवेश को मंजूरी दी है।