आपने ये कहावत तो सुनी होगी कि जाको राखे साइंया मार सके न कोई, लेकिन उसी के साथ ये भी सच है कि जब मौत आती है, तो किसी भी बहाने जान ले जाती है।
इस महिला के मामले को देखकर तो यही लगता है, जिसमें एक शख्स ने उसे बंदरिया समझकर मार डाला।
'हर टीम में एक ही गुंडा होता है और यहां का गुंडा मैं हूं'
डेली मेल की खबर के अनुसार, सउदी में ये शख्स शिकार पर था और तभी ये घटना हो गई, जिसमें महिला की मौत हो गई।
पुलिस ने बताया कि महिला पर गोली जानबूझकर नहीं चलाई गई थी। सउदी की इस घटना में 19 वर्षीय शख्स शिकार पर था और उसे लगा कि पेड़ की टहनी पर कोई जानवर बैठा है।
उसने अपनी बंदूक से निशाना साधा और गोली चला दी। गोली, सीधे जाकर महिला की छाती में लगी। जब ये शख्स उसके पास पहुंचा तो उसके होश उड़ गए।
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ये कोई बंदर नहीं बल्कि एक महिला थी। हालांकि, उसने महिला को जल्दी से जल्दी अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन वहां पहुंचते-पहुंचते उसकी मौत हो गई।
इस शख्स ने खुद ही अपने आप को पुलिस के हवाले कर दिया है। लेकिन पुलिस का भी यही मानना है कि उससे ये गलती धोखे में हुई है। महिला की उम्र 60 के करीब थी।