लड़कियों के बारे में मशहूर है कि उन्हें समझ पाना टेढ़ी खीर है, लेकिन इस लड़की को देखकर और इसके बारे में पढ़कर आप इस बात पर भरोसा करने को मजबूर हो जाएंगे।
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जिसने औरों से जुदा दिखने के लिए अपने साथ कुछ ऐसा कर लिया जिस पर आप यकीन भी नहीं कर पाएंगे।
फिल्म से प्रेरित है ये सोच
23 साल की ये कनाडाई मॉडल फिल्म लॉर्ड ऑफ द रिंग्स से कुछ इस तरह प्रभावित हुई कि उसने अपने कान ही तराश लिए।
लड़कियों को कानों में सुंदर-सुंदर झुमके और बालियां तो आपने देखी होंगी लेकिन क्या कभी किसी लड़की को अपने कानों को इस तरह तराशते और उन्हें डिजाइनर बनाते आपने देखा है?
सुपरनैचुरल दिखने के लिए कराया ऑपरेशन
मिलिंडा मून बताती हैं कि उन्हें प्रकृति से बेहद लगाव है। उन्हें नुकीले कान हमेशा से बहुत पसंद रहे हैं। एक साक्षात्कार के दौरान उन्होंने कहा कि वो हमेशा से आम इंसानों से कुछ अलग नजर आना चाहती थीं इसलिए उन्होंने कानों को इस तरह का आकार देने का फैसला किया।
वो बताती हैं कि कई मां-बाप अपने बच्चों को उनके नाम से डराते हैं कि अगर उन्होंने शरारत की तो वो परी यानी मून से कह देंगे। ये बच्चे जब मून को देखते हैं तो उन्हें उनके कान देखकर यकीन हो जाता है कि उनके माता-पिता उनसे झूठ नहीं कह रहे।
ताज्जुब करने पर मजबूर कर देती है ये
लड़कियों के बारे में मशहूर है कि उन्हें समझ पाना टेढ़ी खीर है, लेकिन इस लड़की को देखकर और इसके बारे में पढ़कर आप इस बात पर भरोसा करने को मजबूर हो जाएंगे।
जिसने औरों से जुदा दिखने के लिए अपने साथ कुछ ऐसा कर लिया जिस पर आप यकीन भी नहीं कर पाएंगे।
फिल्म से प्रेरित है ये सोच
23 साल की ये कनाडाई मॉडल फिल्म लॉर्ड ऑफ द रिंग्स से कुछ इस तरह प्रभावित हुई कि उसने अपने कान ही तराश लिए।
लड़कियों को कानों में सुंदर-सुंदर झुमके और बालियां तो आपने देखी होंगी लेकिन क्या कभी किसी लड़की को अपने कानों को इस तरह तराशते और उन्हें डिजाइनर बनाते आपने देखा है?
सुपरनैचुरल दिखने के लिए कराया ऑपरेशन
मिलिंडा मून बताती हैं कि उन्हें प्रकृति से बेहद लगाव है। उन्हें नुकीले कान हमेशा से बहुत पसंद रहे हैं। एक साक्षात्कार के दौरान उन्होंने कहा कि वो हमेशा से आम इंसानों से कुछ अलग नजर आना चाहती थीं इसलिए उन्होंने कानों को इस तरह का आकार देने का फैसला किया।
वो बताती हैं कि कई मां-बाप अपने बच्चों को उनके नाम से डराते हैं कि अगर उन्होंने शरारत की तो वो परी यानी मून से कह देंगे। ये बच्चे जब मून को देखते हैं तो उन्हें उनके कान देखकर यकीन हो जाता है कि उनके माता-पिता उनसे झूठ नहीं कह रहे।
मून बताती हैं कि कानों को ऐसा आकार देने के लिए डॉक्टरों ने उन्हें पहले ऊपर से नुकीले आकार में काटा और उसके बाद उसे सिल दिया।
अफ्रीका न्यूज पोस्ट की खबर के अनुसार, कुछ दिन बाद टांके साख गए और कानों का एक नया आकार आ गया। लेकिन मून इस बात से इनकार नहीं करती हैं कि उन्हें इससे तकलीफ नहीं हुई।
वो बताती हैं कि कानों का आकार बदला था जिस वजह शुरुआत में उन्हें थोड़ा अजीब जरूर लगा लेकिन बाद में सब पहले जैसा हो गया।