पेरिस को दुनिया भर में उसके रूमानी मिज़ाज के लिए भी जाना जाता है। यहीं सेन नदी पर एक पुल है जहाँ ये ताले लगे हैं। कई प्रेमी युगल तालों पर अपना नाम लिख कर चाबी को नदी में फेंक देते हैं।
इश्क की कहानी
हर ताला इश्क की एक कहानी कहता है। किसी को नहीं मालूम कि इस तरीके से एहसास जताने की शुरुआत कब और कैसे हुई।
ताले में छिपा है प्यार
कुछ लोग इस चलन की शुरुआत रूस से बताते हैं तो कुछ कुछ इटली से। लेकिन दुनिया भर से पेरिस आने वाले जोड़े अपने प्यार की निशानी ताले की शक्ल में यहाँ छोड़ जाते रहे हैं।
रंग-बिरंगे तालों की भरमार
पेरिस के 'पोंट डेस आर्ट' ब्रिज़ की रेलिंग पर छोटे-बड़े कई आकारों में, कई रंगों के हज़ारों ताले प्रेमी युगल लगा दिया करते हैं।
कुछ विवाद भी हैं साथ
हालांकि पेरिस में हर कोई इसका समर्थन नहीं करता है। कुछ लोग शहर की विरासत को बचाने के लिए इस पर रोक लगाने की बात भी करते रहे हैं।
कई टन है वजन
इस पुल पर ताला लगाने वाले जोड़ों का मानना है कि इससे उनका प्यार हमेशा के लिए बना रहता है लेकिन आलोचक इस पर ये कह कर सवाल उठाते हैं कि इन तालों का वजन बढ़ कर कई टन हो गया है।
हटाए भी गए हैं ताले
हालांकि एक बार ऐसा भी हुआ कि सभी ताले हटा दिए गए। लेकिन फिर कुछ ही रोज़ में वहाँ पहले की तरह ताले लग गए।
पुल के गिरने का है डर
आलोचक कहते हैं कि एक रोज़ कहीं ऐसा न हो जाए कि ये पुल प्रेमियों के न मरने वाले प्यार की निशानी के वजन से ढह जाए।
बहुत कुछ कहते हैं ये ताले
दुनिया भर में इस तरह के पुल हैं जहाँ प्रेमी युगल तालों की शक्ल में अपने प्यार की निशानी छोड़ जाते हैं। पेरिस के अलावा डबलिन, रोम और ब्रिटेन के बेलफास्ट में भी। लोग इन तालों पर अपना नाम, तारीख और भावनाएँ लिख दिया करते हैं।