उम्र मात्र छह साल और 100 देशों की राजधानियां उन्हें फिंगर टिप्स पर याद हैं। हम बात कर रहे हैं चंडीगढ़ के सेंट जोन स्कूल में पढ़ने वाले विराज सभरवाल की।
सेक्टर-20 में माता-पिता के साथ रहने वाले विराज की मेमोरी देख बड़े-बड़े लोग दंग रह जाते हैं। उनकी शार्प मेमोरी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि देश का नाम बताने के साथ ही विराज आपको उसकी राजधानी का नाम बता देंगे।
सामान्य ज्ञान के मामले में छह साल के नन्हें विराज बड़े-बड़ों को पीछे छोड़ते हुए नजर आते हैं। विराज के पिता दीपक सभरवाल प्रशासन के खेल विभाग में कर्मचारी हैं।
दीपक सभ्रवाल ने बताया कि तीन साल की आयु से विराज को विभिन्न देशों की राजधानियों के नाम बताए जाते थे। विराज को उसके नाना और मां ने राजधानियों के नाम याद करवाने में बहुत मेहनत की है।
नाना और उसकी मां पहले किताब में से खुद विभिन्न देशों की राजधानियों के नाम याद करते और उसके बाद बच्चे को याद करवाते। बचपन से कराए जा रहे अभ्यास के कारण बच्चे को देश और उसकी राजधानियों के नाम रट गए।
अब विराज देश के सभी सांसदों के नाम, उनके क्षेत्र और प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के नाम याद करने में व्यस्त हैं। विराज अभी पहली कक्षा में पढ़ रहे हैं। विराज शार्प मेमोरी के कारण मोहल्ले के साथ ही पूरे स्कूल में मशहूर हो गए हैं।
चार दिसंबर 2006 को विराज का जन्म हुआ था। वह किसी भी बात को पहले ध्यान से सुनता है और पुष्टि करने के बाद उसे याद कर लेता है। तीन दिन पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा नेता हरमोहन धवन ने भी विराज से मुलाकात की थी।
उन्होंने भी बच्चे से कई देशों की राजधानियां पूछीं और सही उत्तर पाकर हैरान रह गए थे।