यूं तो हम रोज ही ट्रेफिक सिग्नल से पर अपनी बारी का इंतजार करते हैं। लेकिन एंबुलेंस को इंतजार करता देखकर कुछ मलाल होता है। अब बन रहा है एक सॉफ्टवेयर जिसे लगाने पर एंबुलेंस को सिग्नल के ग्रीन होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। है ना कमाल की बात।
इस सॉफ्टवेयर को एंबूलेंस और ट्रैफिक सिग्नल में लगाया जाएगा और एंबुलेंस जैसे ही चौराहे पर पहुंचेगी तो ट्रैफिक सिग्नल अपने आप रेड से ग्रीन हो जाएगा और एंबुलेंस निकल जाएगी। यह सॉफ्टवेयर तैयार किया है मदन मोहन मालवीय इंजीनियरिंग कॉलेज के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के विद्यार्थियों ने।
इस संबंध में इलेक्ट्रिकल विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. वीके गिरि ने बताया कि अक्सर यह देखने को मिलता है किसी एंबुलेंस में गंभीर मरीज है फिर भी चौराहों पर रेड लाइट होने के चलते एंबुलेंस को काफी देर तक खड़ा रहना पड़ता था। ऐसे में विभाग ने इस समस्या से निजात दिलाने के लिए एक ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार किया जिसे खास नंबर वाली गाड़ियों (एंबुलेंस) और ट्रैफिक सिग्नल्स में फिट किया जाएगा।
एंबुलेंस को जहां तक जाना है उस रास्ते की प्रोग्रामिंग कर रूट मैपिंग की जाएगी। इसके बाद एंबुलेंस जैसे ही चौराहे पर पहुंचेगी ट्रैफिक लाइट ग्रीन हो जाएगी और एंबुलेंस को वहां रुकना नहीं होगा। डॉ. गिरि ने बताया कि यह व्यवस्था किसी जिले के लिए भी कारगर हो सकती है और पूरे प्रदेश के लिए भी। इसके लिए यातायात विभाग से समन्वय स्थापित करना होगा।