नौ साल पहले हुई दुर्घटना ने रेफ बिग्स की जिंदगी पूरी तरह बदल दी। इस हादसे में उन्हें लकवा मार गया और उन्हें लगा कि वे कभी भी यौन सुख का आनंद नहीं ले पाएंगे।
अचानक एक दिन रेफ को कामोन्माद की अनुभूति हुई। उनकी नजर अपने अंगूठे पर गई जिसे छूने पर उन्हें ऐसा महसूस हो रहा था।
अंगूठे को चूसने अथवा मालिश करने से उन्हें ऐसा लगा कि वे अपने लिंग को स्पर्श कर रहे हैं।
अमेरिका के कैलीफोर्निया में रहने वाले रेफ ने बताया, ''मैंने कभी सोचा नहीं था कि यह संभव होगा। अंगूठा को दबाने अथवा मसलने के दौरान ऐसा लगा जैसे मैं अपने लिंग को छू रहा हूं। सच में मेरा अंगूठा अब 'सरोगेट लिंग' बन चुका है।''
क्या कहते हैं डॉक्टर
वहीं डॉक्टरों का कहना है कि ऐसा 'ट्रांसफर ऑर्गेज्म' की वजह से हुआ।
'ट्रांसफर ऑर्गेज्म' में लकवे के मरीज अपने शरीर के अन्य हिस्सों को छूने के दौरान भी कामोन्माद का अनुभव करते हैं।
बिग्स का कहना है कि अब वे सेक्स के प्रति लकवाग्रस्त मरीजों के नजरिये को बदलना चाहते हैं। अब ये मरीज भी सेक्स का अनुभव कर सकते हैं। इससे परिजनों और मरीजों में आपसी प्रेम बढ़ेगा।
साथ ही बिग्स अब ऐसी संस्था से जुड़ गए हैं जो ऐसे मरीजों को सेक्स को लेकर गलतफहमी दूर करने में मदद करता है।