अनंत लौ जैसी खबरों को जहां आम लोग दैवीय चमत्कार से जोड़कर देखते हैं वहीं वैज्ञानिकों के लिए यह एक नई खोज होती है। लेकिन इस बार वैज्ञानिक भी गच्चा खा गए हैं। पहले कहा जा रहा है कि गर्म चट्टानों के बीच प्राकृतिक गैस रिसाव के चलते आग जल रही है।
लेकिन न्यूयॉर्क की ये लौ वैज्ञानिकों के लिए भी अनसुलझी पहेली बनी हुई है क्योंकि ये एक झरने से बह रहे पानी के बीचों बीच जल रही है।
इंडियाना यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने चेस्टनट रिज काउंटी पार्क स्थित इन चट्टानों का अध्ययन किया है। उनका कहना है कि ये चट्टानें इतनी गर्म नहीं हैं कि इनसे गैस का रिसाव हो। इंडियाना यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर शीमेलमेन के अनुसार, इस चट्टान का अधिकम ताप चाय के कप जितना ही होगा।
यूं तो धरती के कई हिस्सों में लगातार जलने वाली लौ हैं। भारत में जहां ऐसी कई जगहें अब धार्मिक स्थल बन चुकी हैं, वहीं वैज्ञानिक मानते हैं कि ये सभी जगहें गर्म चट्टानों पर स्थित हैं। इनसे लगातार प्राकृतिक गैस का रिसाव होता रहता है। इसी वजह से ये लौ सतत जलती रहती है।
लेकिन न्यूयॉर्क के मामले में ऐसा कुछ नहीं है और इसका मतलब ये है कि ये लौ किसी और वजह से जल रही है। हालांकि इसके पीछे के कारण का अब भी पता नहीं चल सका है।
ऐसा कहा जाता है कि हजारों साल अमेरिकियों ने यहां आग जलाई थी।