क्या आप ये सोच सकते हैं कि कोई दरियाई घोड़ा आपको निगले और फिर भी आप जिंदा बच जाएं? सुनकर थोड़ा अटपटा जरूर लगे, लेकिन रीवर गाइड पॉल टेम्पलर के साथ कुछ ऐसा ही हुआ है।
सही सलामत जिंदा बचने के बाद जो कहानी उन्होंने बताई वो वाकई हैरान करने वाली है। एक समाचार पत्र को दिए साक्षात्कार में उन्होंने उस दिन की पूरी घटना का ब्योरा दिया, जब वो नदी किनारे थे और एक दरियाई घोड़े ने उन्हें निगल लिया।
ये सच्ची और रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी अफ्रीका की है, जब गाइड टेम्पलर इस हिप्पो के मुंह का निवाला बन गए।
टेम्पर बताते हैं कि उसने उन्हें लगभग आधा निगल लिया था। वहां सड़े हुए अंडों जैसी बदबू आ रही थी। जैसे-जैसे वो टैम्पलर को निगल रहा था, उनकी छाती पर दबाव बढ़ता ही जा रहा था।
न्यूजफरी के अनुसार, इसके बाद खुद को आजाद कराने का ये उनका आखिरी मौका था। उन्होंने पूरे जी-जान से प्रहार किया और हिप्पो ने कुछ सेकंड के लिए ही सही अपना मुंह खोला।
पर वो कहते है ना कि डूबते को तिनके का सहारा, कुछ वैसा ही टैम्पलर के साथ भी हुआ और वो वहां से भाग निकलने में कामयाब रहे।
टैम्पलर को जब अस्पताल में भर्ती कराया गया, तो उनके शरीर पर 40 से ज्यादा घाव थे। इस जानलेवा हमले में टैम्पलर ने अपना बायां हाथ खो दिया। इसके अलावा उनका एक शिष्य भी इस हमले में मारा गया।