एक अकेला गम का रेला....ये कहावत अब वैज्ञानिकों ने भी मान ली है। यानी अगर लंबा जीवन जीना चाहते हैं तो अकेले रहने वाले महिला और पुरुष को जल्द से जल्द अपना जीवन साथी तलाश करना शुरू कर देना चाहिए। क्योंकि एक अध्ययन से पता चला है कि अकेले रहने वाले महिला और पुरुष की तुलना में शादीशुदा लोग अधिक लंबा जीवन जीते हैं।
समाचारपत्र ‘द टेलीग्राफ’ में छपी एक खबर के मुताबिक यह खुलासा हुआ है कि ऐसे महिला एवं पुरुष जो शादीशुदा हैं या रिश्तों को लंबे समय तक बनाए रखकर उनको स्थायित्व देते हैं, वे अकेले रहने वाले लोगों की तुलना में ज्यादा दिन जीते हैं।
अमेरिका की 'ड्यूक यूनिवर्सिटी ऑफ अमेरिका' के अनुसंधानकर्ताओं ने बताया कि अगर व्यक्तित्व और व्यवहार पर भी नजर डाली जाए तो इस पर भी लंबा जीवन जीने में वैवाहिक स्थिति का बड़ा प्रभाव देखा जा सकता है। अध्ययन के मुताबिक शादीशुदा लोग या स्थायी संबंध बनाने वाले लोग लंबा जीवन इसलिए जी पाते हैं क्योंकि उन्हें अपने साथी से भावनात्मक सहयोग मिलता रहता है जो लंबे समय तक जीने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इस अनुसंधान में लगे डा. इलीने सीगलर और उनके सहयोगियों ने जीवन के मध्य में होने वाली असमय मृत्यु पर वैवाहिक इतिहास और विवाह के समय के प्रभाव का अध्ययन 1940 के दशक में जन्मे 4,802 लोगों पर किया। इस अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि शादीशुदा लोग और लंबे समय तक स्थायी रिश्ते निभाने वाले लोगों के लंबा जीवन जीने की प्रबल संभावना होती है। इन लोगों की तुलना में ऐसे लोग जो अपनी आधी उम्र गुजर जाने तक विवाह नहीं कर पाए हैं या जिनके पास कोई स्थायी पार्टनर नहीं है ऐसे लोगों पर असमय मृत्यु का खतरा अधिक मंडराता रहता है।
इस संबंध में अध्ययनकर्ताओं ने कहा कि जीवन के मध्य में बनने वाले सामाजिक संबंध असमय होने वाली मृत्यु को समझने में हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। अध्ययन में यह भी पाया गया कि ऐसे लोग जिनके पास अपना साथी है उनका मानसिक स्वास्थ्य भी अकेले रहने वाले लोगों की तुलना में ज्यादा अच्छा रहता है।