फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जब पुलिस ने कराई कैदी को 'शॉपिंग'

Sat, 05 Jan 2013 11:29 AM IST
बागपत।
विज्ञापन
विज्ञापन
जब पुलिस ही कैदी को शापिंग कराती फिरे तो क्या कहेंगे आप। पेशी पर जाने वाले अपराधी की तो ऐश ही समझिए और फरारी का नायाब मौका भी। पुलिस जानती है कि ऐसे मौके पर कैदी फरार हो जाते हैं। फिर भी सिपाहियों ने खतरा मोल लेकर ये काम कर डाला।
विज्ञापन


वाराणसी से बागपत कोर्ट में पेशी के लिए लाए गए कैदी को पुलिसवालों ने शॉपिंग करा दी। खुद को मीडिया की नजरों से घिरा पाकर हड़बड़ाए सिपाई कैदी को लेकर तुरंत मौके से खिसक लिए।

वाकया 11 बजे का है। जादूगर नाम के इस कैदी को चार पुलिस वाले बागपत कोर्ट में पैदल ही पेशी के लिए ले जा रहे थे। मोहल्ला तहसील के पास कैदी ने कहा कि उसे शॉपिंग करनी है। पुलिस वाले पहले तो बोले कि बाद में कर लेना। इसी बीच उसकी नजर खादी भवन पर पड़ गई।
विज्ञापन


कैदी बोला, इसी में ले चलो, यहां सब मिलता है। यह सुनकर पुलिसकर्मी अपनी जिम्मेदारी भूलकर उसे लेकर खादी भवन में ले गए। एक सिपाही ने तो अपनी राइफल भी दूसरे के हाथ में दे दी। जब उनसे पूछा गया कि क्या कर रहे हो, तो जवाब इस तरह दिया- कुछ नहीं, इसे (कैदी की ओर इशारा करते हुए) कुछ खरीदना था, इसलिए यहां ले आए। बस थोड़ी देर में चल रहे हैं। जब इन पर कैमरे की फ्लैश पड़ी तो चौंक गए। फिर मालूम किया कि क्या फोटोग्राफर मीडिया से जुड़ा है। पता चलते ही तेजी से बाहर निकल आए। उन्होंने बताया कि वे वाराणसी से आए हैं।

गौरतलब है कि करीब तीन महीने पहले बरेली पुलिस ने ज्ञानेन्द्र ढाका नाम के कैदी पर इसी तरह मेहरबानी दिखाई थी। तब बागपत के एसपी ने बरेली के एसएसपी को कैदी की अभिरक्षा में लगे एक दारोगा और तीन सिपाहियों को निलंबित करने के लिए लिखा था।

अरे मैं तो जादूगर हूं
कैदी पर इस बात का कोई फर्क नहीं पड़ा कि वह शॉपिंग करते हुए कैमरे में कैद हो रहा है। उसने हंसते हुए बताया कि उसे कोई परवाह नहीं। उसका कहना था कि उसका नाम जादूगर है और वह वाराणसी से पेशी पर आया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें