केरल के एक डाकिए की कामचोरी के चलते 6 हजार से ज्यादा लोगों को अपने खत नहीं मिले। ये खत उसने अपने तबेले में छुपा दिए थे।
इस अपराध की सजा के तौर पर उसे अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा।
डाक विभाग में करीब 31 वर्ष से कार्यरत एम रामचंद्रन (58) पेरामल पंचायत में उप डाक कार्यालय में कार्यरत था। कई लोगों द्वारा पत्र मिलने में विलंब की शिकायतें आने पर डाक विभाग के अधिकारियों को दाल में कुछ काला लगा।
अधिकारियों ने शक के आधार पर रामचंद्रन के घर पर छापा मारा तो उनके आश्चर्य का ठिकाना ना रहा। उसने सारे खत घर के तबेले में छुपा रखे थे।
अधिकारियों ने तबेले से चार बोरों में भर कर रखे गए 6200 पत्र बरामद किए। इनमें चिट्ठियां, आधार कार्ड, इंटरव्यू लेटर, फिल्म के टिकट, किताबें और पोस्टकार्ड आदि थे।
जांच के बाद अधिकारियों ने रामचंद्रन को सेवा से बर्खास्त कर दिया। वैसे यह पहला मौका नहीं है जब रामचंद्रन के घर से बिना डिलवरी किये गये पत्र बरामद हुए।
रामचंद्रन के इसी घर से करीब डेढ साल पहले हजारों पत्र बरामद किये गये थे, लेकिन जांच लंबित रहने के कारण उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई थी।
दूसरी बार फिर यही अपराध करने के कारण उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।