हिम युग में लोग कैसे रहते होंगे, इस बात का अंदाजा तभी होगा जब आप खुद बर्फीली जगह पर रहें। कुछ ऐसा ही रोमांच महसूस करने के लिए लोग दक्षिणी ध्रुव पर बसे अंटार्टिका में 'इको होम' में आशियाना बनाकर हिम युग का मजा ले रहे हैं।
अंटार्टिका में 2000 फीट की ऊंचाई पर बर्फीली नदी के किनारे दर्जनों टैंपरेरी 'इको होम' बनाए गए हैं। अंदर से गर्म और आक्सीजन युक्त ये इको होम बर्फ में व्यक्ति के आराम की हर सुविधा को समेटे हुए हैं। देखने में सफेद बॉल की तरह लगने वाले ये इको होम अंदर बड़े से स्टोव के जरिए लगातार गर्माहट से भरे रहते हैं।
इस तरह के पॉड अफ्रीकन सफारी के दौरान भी बनाए जाते थे। लेकिन गर्माहट के हिसाब से ये होम हिमद्वीप में रहने के लिए बहुत कारगर साबित हुए हैं।
डेलीमेल में छपी खबर के अनुसार फ्रेमलेस और फाइबर ग्लास से बने ये इको होम कंपोजिट पैनल से बने हैं जो एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में काम में लाया जाता है। इन पैनलों से बने पॉड बेहद सुरक्षित और आरामदायक होते हैं।
एक इको पॉड में दो सिंगल बैड, छोटा सा किचन और वाशरूम है। यही नहीं यहां लिखने पढ़ने के लिए स्टडी टेबल भी लगाई गई है। ये घर पूरी तरह से इको फ्रैंडली हैं। किचन में आपको सीफूड के साथ साथ इंगलिश फूड भी मिलेगा। यही नहीं शैंपेन का लुत्फ भी उठाया जा सकता है।
तीन दिवसीय 'व्हाइट डेजर्ट सफारी' ऑफर के तहत पर्यटकों को केप टाउन से पांच घंटे की उड़ान के तहत अंटार्टिका के भीतरी इलाके ड्रोनिंग मॉउड लैंड में पहुंचाया जाता है। अक्तूबर और नवंबर के महीने में ये कैंप लगाए जाते हैं। कैंपों से निकला कचरा कैंप खत्म होने के बाद केप टाउन में पहुंचाया जाता है। यहां रहने का प्रति व्यक्ति शुरूआती चार्ज 20 हजार डॉलर रखा गया है।