बच्चे भगवान का रूप होते हैं। लेकिन लखनऊ में पुलिस ने एक मासूम बच्चे पर इतनी दरिंदगी की कि शैतान तक कांप उठे। महज चोरी के शक के आधार पर पुलिस ने पांच साल के मासूम को कंरट दिया और जूतों से पिटाई की। मासूम चिल्लाता और कराहता रहा लेकिन पुलिस रात भर उसे थर्ड डिग्री इस्तेमाल करती रही। घटना के बाद जनता में रोष है और अब पुलिस सफाई देती फिर रही है।
सुदीप नाम के इस बच्चे का कहना है कि ‘मैं अपने घर के पास के शिव मंदिर में रोज प्रसाद खाने जाता हूं। उस दिन भी गया था, लेकिन कुछ लोगों ने मुझे चोर बताकर पकड़ा और घर ले आए। वहां से पुलिस के पास ले गए। मैं चिल्लाता रहा कि मैंने कुछ नहीं किया... किसी ने नहीं सुनी। पुलिस ने मुझे हवालात में बंद किया और रात भर मारा और चोरों का पता पूछते रहे। मुझे नहीं मालूम था, कौन चोर हैं? इसलिए कुछ नहीं बता सका। फिर उन्होंने मेरे कान पर बिजली के तार लपेटे और करंट देने लगे। पहले 8-10 बार करंट दिया। मैं चिल्लाता रहा, रोता रहा, वो नहीं रुके। उन्होंने मुझे काफी देर तक करंट दिया और जूतों से मारा।’
वाकया आलमबाग के विजयनगर का है और यह भयानक करतूत कृष्णानगर पुलिस की है। मासूम अब भी सदमे में है। अगले दिन उसे किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश किया गया, जहां उसकी हालत देख बोर्ड ने उसे तत्काल जमानत पर रिहा करने केआदेश दिए। घटना के बाद से परिवार सहमा हुआ, सदमे में है।
कृष्णानगर पुलिस ने 2 फरवरी को क्षेत्र में हुई एक चोरी के इल्जाम में कक्षा एक में पढ़ रहे सुदीप (नाम परिवर्तित) को गिरफ्तार किया। सुदीप के पिता बताते हैं कि कुछ लोगघर में सुदीप को लेकर आए और यह कहते हुए फिर उठाकर पुलिस के पास ले गए कि उसने चोरी की है। वे उस रात डेढ़ बजे तक कृष्णानगर पुलिस थाने में अपने बच्चे से मिलने के लिए बैठे रहे लेकिन उन्हें बच्चे से मिलने नहीं दिया। वे बाहर बैठे रहे और अंदर उनके कलेजे के टुकड़े को पुलिस वाले बुरी तरह पीट रहे थे। उसकी चीखें पिता बर्दाश्त न कर सके और पुलिस वालों के सामने गिड़गिड़ाने लगे। पुलिस ने उनकी एक न सुनी और वहां से भगा दिया।
अगले दिन उन्होंने वकील से संपर्क किया और चालान कटवा कर सुदीप को घर लाए। इस दौरान पाया कि उसकी जैकेट खून से सनी हुई है, कनपटी से खून रिस रहा है। उससे चला नहीं जा रहा था। सुदीप के माता-पिता रोते हुए बताते हैं कि उनके बच्चे ने चोरी नहीं की है। पुलिस अब भी उन्हें तंग कर रही है।
क्या कहती है पुलिस
कृष्णानगर के पुलिस इंसपेक्टर रामसनेही यादव का कहना है कि नागरिकों ने 2 फरवरी की रात सुदीप को एक समारोह में चोरी करते पकड़ा था। उसकी पिटाई करके थाने लाकर पुलिस को सौंपा था। पुलिस ने नागरिकों की तरफ से उसकी गिरफ्तारी की लिखा-पढ़ी की और डॉक्टरी मुआयना कराने के बाद किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया। उसकी न तो थाने में पिटाई की गई और न ही प्रताड़ित किया गया।