हर मां चाहती है कि उसकी जवान होती बेटी गली गली घूम रहे वहशी भेड़ियों से बची रहे। इसके लिए जहां भारतीय समाज में मां अपनी बेटी को शुरू से ही दुपट्टा लेने की सलाह देती है वहीं अफ्रीकी देशों की मांए अपनी बेटियों को गंदी नजरों से बचाने के लिए भयंकर और अमानवीय तरीके अपना रही हैं। यकीन मानिए समाज की गंदी नजरों से बचाने के ये तरीके जानकर आपका दिल दहल जाएगा।
खतरनाक 'ब्रेस्ट आयरनिंग'
अफ्रीकी देशों में छोटी बच्चियों के स्तनों को उभरने से रोकने के लिए ब्रेस्ट आयरनिंग नामक प्रथा का इस्तेमाल किया जाता है। यहां माना जाता है कि पुरुष लड़कियों की उभरती शारीरिक विशेषताओं के चलते ही गलत काम को प्रेरित होते हैं। लेकिन अगर उभरने से पहले ही ये विशेषताएं दबा दी जाए तो लड़की दरिंदों की नजर का शिकार नहीं बन पाएगा।
ऐसे मिटा देते हैं नारी होने का एहसास
नारी होने का एहसास खत्म करने के लिए 7 से 8 वर्ष की उम्र से ही माएं अपनी बच्चियों के स्तनों को सिलबटे को गर्म करके सेंकना शुरू कर देती है। 'ब्रेस्ट आयरनिंग' की यह परंपरा अफ्रीका के कैमरून, बेनिन, टोगो, गिनी, नाइजीरिया में कई सालों से चली आ रही है। ब्रेस्ट आयरनिंग के अलावा इन क्षेत्रों में आबरू की रक्षा के लिए जननांगों को काटने और सिलने की प्रथा भी है।
खतरनाक है यह प्रथा
ब्रेस्ट आयरनिंग के कारण इन महिलाओं को मानसिक एवं शारीरिक कष्टों का सामना करना पड़ता है। इनके स्तनों में भयंकर दर्द होता है और त्वचा हमेशा के लिए जल भी जाती है। चिकित्सकों का कहना है कि शरीर के संवदेनशील अंगों को इस तरह से दबाने से इन महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर का खतरा हो सकता है। बावजूद इसके कम उम्र में गर्भवती हो रही लड़कियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कैरेबियाई देश में माएं इस तरीके का इस्तेमाल कर रही हैं।