सात जन्मों तक साथ निभाने की कस्में खाकर सात फेरे लेने वाले इस 'परमेश्वर' के लिए तो जल्लाद शब्द भी हलका पड़ जाता है। पहले डंडों से पीट-पीटकर पत्नी का कत्ल, उसके बाद शव को फूंकने की कोशिश, फिर अधजले शव को जंगल में जाकर गाड़ना और फिर बदबू न आए इसके लिए उस जमीन पर रोज गर्म पानी डालना। यह काम कोई हैवान ही कर सकता है।
महीने भर बाद पत्नी के कत्ल के मामले में शिकंजे में आए सुरेंद्र पंवार ने जब पुलिस को पूरी कहानी बयां की तो पुलिस वालों के भी रोंगटे खड़े हो गए। रूपा हत्याकांड में पुलिस ने गिरफ्तार पति सुरेंद्र और उसके छोटे भाई को जेल भेज दिया है।
दरअसल अवैध संबंधों का दीमक किस कदर घर को चाटता है, इसकी बानगी जौनपुर के रिंगालगढ़ की रूपा (33) की हत्या से ही देखी जा सकती है। किसी महिला से सुरेंद्र पंवार के अवैध संबंध थे। पत्नी रूपा उसके आड़े आ रही थी। आए दिन कलह होती रहती थी। सुरेंद्र ने इससे हमेशा-हमेशा के लिए निजात पाने का मन बना लिया था।
26 दिसंबर की रात को उसने पत्नी को डंडों से पीटकर मार डाला। उसके बाद सबूत मिटाने के लिए शव को जलाने की कोशिश की। शव अधजला रह गया। उसके बाद उसने अपने भाई रविंद्र की मदद से उसे समीप के जंगल में ले जाकर गाड़ दिया। कई दिनों तक वह उस जमीन पर जाकर गर्म पानी डालता रहा, ताकि दुर्गंध न आए। इस बीच वह अपने तीनों बच्चों को भी यह भी दिलासा देता रहा कि उनकी मां बहुत जल्द लौट आएगी।
न्यायालय ने दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। रूपा के पिता ने कहा कि हत्यारों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। इस घटना में अन्य जो भी लोग लिप्त है, उन्हें भी सख्त सजा मिलनी चाहिए।