ये बता पाना संभव नहीं है कि ये तस्वीर वाकई उस समय की ही है जब इस हाथी को फांसी दी गई या महज एक ग्राफिक लेकिन इतना जरूर है कि इस हाथी की मौत के बारे में पढ़कर आप सिहर जरूर जाएंगे।
डेली मेल के अनुसार, 1916 के समय में चार्ली स्पार्क के पास एक सर्कस था। मैरी नाम की ये हथिनी इसी सर्कस का हिस्सा थी। सितंबर 1916 में ये सर्कस किंग्सपोर्ट पहुंचा।
फिर क्या हुआ?
सर्कस के प्रचार के लिए एक झांकी निकाली गई, जिसमें मैरी के सिर पर वॉल्टर एल्ड्रिज सवार था। उसे हाथियों को संचालित करने का न तो कोई ज्ञान था और न ही अनुभव।
उसे बस इतना पता था कि भाले को हथिनी की गर्दन लगाए रखे। परेड के दौरान मैरी को तरबूज दिख गया और वो वहीं रुक गई। एल्ड्रिज अनुभवहीन तो था ही उसने भाले को कई बार उसके गर्दन में दे मारा।
ये हरकत मैरी को पसंद नहीं आई और उसने एल्ड्रिज को नीचे पटक कर मार डाला।
मार डालने की मांग
उसकी मौत ने लोगों को गुस्से से भर दिया और उन्होंने मैरी को मार डालने का फरमान सुना दिया। चार्ली स्पार्क ने भी उनकी बात मान ली। उसने तय किया कि उसे फांसी दी जाएगी।
दूसरे शहर एरविन से 100 टन की क्रेन मंगवाई गई। चार्ली ने मैरी को खुले में फांसी देने की योजना बनाई थी ताकि लोगों को मजा आए।
कैसे हुई हत्या?
मैरी को एक रेल से बांधा गया। क्रेन ने उसे उठाया और वो दर्द से चीखने लगी। उसे आधे घंटे तक लटकाकर रखा गय ताकि वो जिन्दा न बचने पाए। इस जगह के लोग लोग मैरी मर्डरस मैरी के नाम से जानते हैं।