प्यार अंधा होता है। कभी कभी इतना अंधा कि कातिल बगल में हो और पता भी न चले। ऐसा ही कुछ इलाहाबाद के खुसरोबाग पार्क में हुआ जब प्रेमी के साथ बैठी प्रेमिका ने ही हमलावरों के साथ मिलकर प्रेमी को गोली से उड़ा दिया। धोखेबाज लड़की के प्यार में पागल युवक इतना भी नहीं समझ पाया कि बगल में लड़की नहीं मौत बैठी है। गोलीबारी के बाद युवक की मौत हो गई और उसकी कथित प्रेमिका हमलावरों के साथ भाग निकली।
मामला इलाहाबा में रेलवे जंक्शन के सामने खुसरोपार्क का है। यहां हाईप्रोफाइल परिवार से जुड़ा एक युवक गर्लफ्रैंड के साथ पार्क में बैठा था। गर्लफ्रैंड ने गुलाबी रंग के कपड़े पहने हुए थे। तभी बाइक से पहुंचे हमलावरों ने युवक को गोली से उड़ा दिया। सीने में नजदीक से गोली लगते ही युवक की मौत हो गई। इससे बगल में बैठी युवती बदहवास हो गई। लेकिन हमलावरों को पकड़ने की बजाय युवती उनकी बाइक पर बैठकर उनके साथ भाग निकली।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावर दो बाइक से तीन आए थे। युवती भी उन्हीं की बाइक से बैठकर निकल गई। काफी लोगों की मौजूदगी में पार्क में हत्या से हंगामा मच गया। खबर पाकर एसएसपी मोहित अग्रवाल पहुंच गए। युवक का मोबाइल नहीं मिला। माना जा रहा है कि युवती मोबाइल उठा ले गई। मारे गए युवक की जेब से डीएल, एटीएम और पैन कार्ड मिला।
हैरत करने वाली बात यह है कि डीएल पर युवक का पटना का जो पता दर्ज था वह फर्जी निकला। 10 घंटे की जद्दोजहद के बाद युवक का असली पता मिला सका। वह बिहार का रहने वाला है। पुलिस मान रही है कि युवती हमलावरों के साथ थी, ऐसे में हत्या की साजिश वही रच सकती है।
खुल्दाबाद थाना क्षेत्र में स्थित खुसरोबाग में सुबह से शाम तक काफी भीड़ होती है। पार्क में प्रेमी-जोड़े भी आते हैं। दोपहर एक बजे पार्क में 24 वर्षीय एक युवक युवती संग बैठा था। बेंच पर बैठकर दोनों काफी घुट-घुटकर बातें कर रहे थे। एकाएक दो बाइक से तीन युवक पहुंचे और बाइक दूर ही खड़ी कर दी। तीनों लड़के बेंच के पास पहुंचे और युवक से बहस करने लगे। एक हमलावर ने युवक को कई थप्पड़ भी मारे। इसके बाद तमंचा निकाल कर सीने में गोली मार दी। फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग देखने लगे। इसके बाद हमलावर और वह युवती भागे। प्रत्यक्षदर्शिंयों के मुताबिक, पीछे वाले हमलावर के साथ बात करती दौड़ रही युवती उसी की बाइक पर बैठ गई और सभी निकल भागे।
घटना से हड़कंप मच गया। खुल्दाबाद इंस्पेक्टर अमर सिंह और दरोगा आरपी राय ने पहुंच पूछताछ शुरू कर दी। युवक के जेब से एसबीआई का एटीएम कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस मिला। डीएल में उसका नाम निर्गम प्रकाश नारायण (24) पुत्र विजय कुमार लिखा था। केयर आफ में सरयुग प्रसाद राय था। पता पोस्टल पार्क पटना दर्ज था। पटना पुलिस से संपर्क कर उस पते को ट्रेस किया गया वहां के लोगों ने निर्गम को जानने से इंकार कर दिया। स्पष्ट था कि उसने फर्जी पते का इस्तेमाल किया था
दस घंटे की जद्दोजहद के बाद पुलिस युवक के असली पते का पता लगा सकी। एसएसपी मोहित अग्रवाल के मुताबिक, वह बिहार के जहानाबाद जिले के घोसी थाना क्षेत्र के उबेर गांव के रहने वाले शशिभूषण नारायण का बेटा था। पुलिस ने घर वालों से फोन पर संपर्क किया तो जानकारी मिली कि निर्गम लखनऊ और इलाहाबाद में मार्केटिंग का काम करता था। उसके मोबाइल काल डीटेल्स से यह भी पता चला है कि पिछले 15 दिनों से उसकी लोकेशन इलाहाबाद में थी। उससे पहले वह लखनऊ में था।