नाक किसी के लिए भी आत्मसम्मान की चीज होती है। लेकिन अफगानिस्तान की मासूम आयशा के लिए यही नाक मुसीबत का सबब बन गई थी। घर से भागने के प्रयास में पति की दरिंदगी का शिकार बनी आयशा के लिए डॉक्टर फरिश्ता बनकर आए और आयशा के चेहरे पर नई नाक लगा दी।
अफगानिस्तान में तालिबानी हुकूमत की नजीर बनी अफगानी लडकी आयशा मोहम्मदजई डाक्टरों की मेहनत की बदौलत जिंदगी की नयी पारी शुरू करने के लिए तैयार है। तालिबानी फरमान सुनाते हुए आयशा की नाक और कान काट दिये गये थे लेकिन डाक्टरों के अथक प्रयास से उसकी नाक प्लास्टिक सर्जरी के जरिए दोबारा बना दी गयी।
अगस्त 2010 में टाइम मैगजीन की कवर गर्ल बनी आयशा की कटी नाक और कान देखकर कइयों का दिल दहल गया था। आयशा की नाक और कान सिर्फ इसलिए काट डाले गये थे क्योंकि उसने अपने अत्याचारी पति के चंगुल से भाग निकलने की कोशिश की थी। पति उसे जानवरों के तबेले में रखता था और रोज बलात्कार करता था। इसी दरिंदगी भरे जीवन से छुटकारा पाने के लिए आयशा ने भागने का प्रयास किया और पकड़ी गई। पति ने भागने के जुर्म में आयशा की नाक और कान दोनों ही काट डाले। घायलावस्था में ही आयशा को ब्रिटेन ले जाया गया जहां एक परिवार ने आयशा को गोद लिया। यहां आयशा आजाद जिंदगी जीते हुए अंग्रेजी भी सीख रही है। इसके साथ ही आयशा का इलाज चल रहा था।
आज आयशा 22 साल की हो चुकी है और नई उमंग के साथ फिर से जिंदगी जीने के लिए तैयार है। एक इंटरव्यू में आयशा ने ब्रिटिश टीवी चैनल पर कहा। मैं अत्याचार सहने वाली उन सभी महिलाओं तक यह संदेश देना चाहती हूं कि कभी उम्मीद न छोडें और कभी हार न मानें।
अमेरिका नौसेना के बेथेस्डा अस्पताल में इलाज करा रही आयशा की नाक उसके ललाट और बांह की त्वचा से बनायी गयी है। डाक्टरों ने सबसे पहले आयशा के माथे पर छोटी डिस्क लगाई और इसे द्रव से भर दिया जिससे यह गुब्बारे की तरह फूल गया। इसके बाद कई आपरेशन करके नाक के अंदर की त्वचा बनायी गयी। आयशा की नाक तो बन गयी है लेकिन जख्म अभी भरे नहीं हैं1उनका नया चेहरा ब्रिटिश चैनल आईटीवी पर दिखाया गया जिसमें वह मुस्कुरा रही थी।