डायबिटीज यानी मधुमेह आजकल की जिंदगी में सबसे खतरनाक बीमारी के रूप में देखा जा रहा है। परहेज भरी इस बीमारी से निजात पाने के लिए लोग क्या क्या नहीं करते लेकिन डायबिटीज पीछा नहीं छोड़ती। अब इसी डायबिटीज से निजात दिलाने के लिए बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) के छात्रों ने आयुर्वेदिक चूर्ण तैयार किया है जो इस बीमारी को छूमंतर कर सकता है।
बीएचयू के आयुर्वेद संकाय के शोध छात्रों ने एक नई दवा मधुमेहराही चूर्ण बनाने का दावा किया है। इसका परीक्षण चूहों पर किया जा चुका है। अब मधुमेह पीड़ित व्यक्तियों पर ट्रायल के लिए इसे बीएचयू अस्पताल भेजा जाएगा।
आयुर्वेद संकाय के रस शास्त्र विभाग के शोध छात्र अनूप कृष्ण गुप्ता और उनके साथियों ने प्रथम चरण में 36 ऐसे चूहों को शोध के लिए चयनित किया जिनके ब्लड में ग्लूकोज की मात्रा 90 से 120 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर के बीच थी। इन चूहों को स्ट्रोप्टोजोटोसिन इंजेक्शन दिया गया। इससे उनके ब्लड में ग्लूकोज की मात्रा दो सौ मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर हो गई। इसके बाद उन्हें मुंह के सहारे मधुमेहराही चूर्ण दिया गया। 15 दिन बाद ब्लड में ग्लूकोज की मात्रा की जांच की गई तो 120 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर पाया गया।
इस प्रकार शोधार्थियों ने सौ चूहों पर प्रयोग कर अब इस दवा को मधुमेह पीड़ित व्यक्तियों पर ट्रायल के लिए बीएचयू अस्पताल को उपलब्ध कराने की योजना बना रहे हैं। शोध छात्रों का दावा है कि यह दवा मधुमेह रोगियों के लिए काफी कारगर होगी।