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दिन या रात, कब लें फैसला जो बन जाए बिगड़ी बात

Sat, 27 Oct 2012 12:23 PM IST
लंदन/इंटरनेट डेस्क।
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अधिकतर लोगों की आदत होती है कि वह महत्वपूर्ण फैसले को अंतिम समय पर छोड़ देते हैं। लेकिन अब ऐसा करने की जरूरत नहीं है क्योंकि हाल ही में हुए एक शोध में यह बात पाई गई है कि फैसला लेना का भी सही समय होता है। शोध के दौरान पाया गया है कि सुबह 11 बजकर 59 मिनट महत्वपूर्ण फैसले लेने का सबसे सही समय है। वहीं रात दस बजे के बाद फैसला लेने का सबसे खराब समय होता है।
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‘द डेली एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, शोधकर्ताओं ने पाया कि देर सुबह फैसला लेने के लिए सर्वश्रेष्ठ समय होता है क्योंकि सुबह की भीड़ और गहमागहमी खत्म हो गई होती है और दोपहर के खाने की जल्दी होती है। शोधकर्ताओं के मुताबिक रात 10 बजे या इसके बाद काम की थकान की वजह से दिमाग सही तरीके से काम नहीं करता और सोने के लिए बिस्तर पर जाने की जल्दी होती है। इसके लिए किए गए सर्वे के मुताबिक सिर्फ एक प्रतिशत लोगों का मानना है कि वे रात 10 बजे के बाद कोई फैसला बेहतर तरीके से ले पाते हैं।

शोधकर्ताओं का मानना है कि वर्ष का समय व महीना भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सबसे विवेकपूर्ण और व्यावहारिक फैसले अप्रैल जैसे बोरिंग महीने में लिए जाते हैं जबकि अतार्किक और अव्यवहारिक फैसले दिसंबर में क्योंकि उस समय लोग क्रिसमस की तैयारियों में व्यस्त होते हैं। लैनकेस्टर यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर कैरी कूपर ने कहा है कि आपको किसी भी फैसले के परिणाम को ध्यान में रखकर फैसला लेना चाहिए।
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