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और इस तरह बकरी को मिल गया 'इंसाफ'

Thu, 24 Jan 2013 12:42 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क।
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जिंदा रहने के लिए बकरी का घास खाना बिलकुल जायज है।  लेकिन अगर कोई बकरी घास के साथ साथ कुछ फूल भी खा जाए तो कोई पहाड़ नहीं टूट पड़ेगा। लेकिन ऑस्ट्रेलिया में एक मासूम बकरी पर फूल खाने के अपराध में जुर्माना लगा दिया गया। बकरी और उसके मालिक पर बाकायदा मुकदमा चला और आखिरकार बकरी को निर्दोष मानते हुए अदालत ने उसके ऊपर लगा जुर्माना खारिज कर दिया। इसे कहते हैं अदालत का इंसाफ।
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मेट्रो.को.यूके के अनुसार मामला सिडनी का है जहां गेरी नाम की एक बकरी सिडनी के म्यूजियम में घुस गई और वहां लगे फूल चर गई। जाहिरतौर पर फूल कीमती और संग्रहालय की खूबसूरती में चार चांद लगाते थे। इस बात पर संग्रहालय की सुरक्षा में लगी पुलिस इस कदर नाराज हो गई कि बकरी के साथ साथ उसके मालिक जेम्स डेजोर्डनोल्ड्स पर भी जुर्माना लगा दिया।

















बकरी का मालिक भी जुर्माने के खिलाफ अदालत पहुंच गया। अदालत में मजिस्ट्रेट ने बकरी के मालिक पर लगाए गए जुर्माने को ये कहते हुए खारिज कर दिया कि बकरी ने साजिश के तहत फूल नहीं खाए। अदालत में सुनवाई के दौरान न्यायाधीश कैरोलिन बार्केल ने कहा कि बकरी का मालिक ये तय नहीं कर सकता कि उसका जानवर क्या खाए। बकरी और कुत्ते जैसे जानवर तो राह चलते कई चीजों पर मुंह मार देते हैं। लेकिन ऐसे में उनके मालिकों पर जुर्माना लगाना सही नहीं। बकरी नहीं जानती थी कि फूल कीमती हैं। वो बस खाने के लालच में खा गई। दूसरी बात जेम्स ने बकरी को फूल खाने के लिए नहीं उकसाया।
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मालूम हो पुलिस ने बकरी के मालिक पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए उस पर 440 डॉलर का जुर्माना लगाया गया था। पुलिस की दलील है कि जेम्स की लापरवाही की वजह से ही बकरी ने फूलों को क्षति पहुंचाई। जेम्स ऑस्ट्रेलिया के एक बड़े कॉमेडी कलाकार हैं और जब वो मुकदमा जीतने के बाद अदालत से बाहर निकले तो बकरी रंग बिरंगी टोपी पहन कर उनके साथ इठला रही थी।
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