चीन में उन महिलाओं को चेतावनी दी गई है कि जो कथित तौर पर अपने स्तन के दूध का इस्तेमाल साबुन बनाने के लिए करती हैं।
ताइवान की न्यूज़ वेबसाइट वांट चाइना टाइम्स के मुताबिक, चीन में महिलाओं ने अपने बच्चों को दूध पिलाने के बाद बचे दूध का इस्तेमाल साबुन बनाने के लिए करना शुरू किया है।
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चीन की ऑनलाइन कारोबारी वेबसाइट ताओबाओ पर प्रकाशित विज्ञापन में साबुन बनाने वालों ने दावा किया है कि इससे त्वचा गोरी होती है और लंबे समय तक सुरक्षित भी रहती है।
ऐसी ही एक मां ने हुनान स्थित न्यूज़ वेबसाइट वांट चाइना टाइम्स की संवाददाता को बताया कि वो अब तक ऐसी 300 से ज़्यादा साबुन बेच चुकी हैं।
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पोषण पर सवाल
हालांकि ऐसे साबुन के दावों पर चिकित्सकों ने कोई ख़ास उत्साह नहीं दिखाया है। वैसे स्तन दूध में पोषक तत्वों की काफी विविधता होती है। लेकिन एक चिकित्सक के मुताबिक़, साबुन बनाने की प्रक्रिया में पोषक तत्व नष्ट हो जाते होंगे।
हालांकि कुछ चिकित्सकों का ये भी मानना है कि स्तन दूध में मौजूद पोषक तत्व साबुन बनाने की प्रक्रिया में बचे भी रह सकते है।
हालांकि अब चीनी प्रशासन की ओर से महिलाओं से अपील की गई है कि वे ना तो ऐसे साबुन बनाएं और ना ही उन्हें बेचने की कोशिश करें।