पुराने समय में तो मुंह पोंछने के लिए लोग रुमाल या फिर किसी मुलायम कपड़े का इस्तेमाल करते थे। पर अब समय के साथ ही बाजार में मुंह पोंछने के लिए तरह-तरह की नैपकीन मौजूद है।
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कई तरह के टिशू तो आपके पर्स और बैग में भी होंगे। लेकिन क्या आपको इनसे होने वाले नुकसान के बारे में पता है? बात केवल बड़ों तक सीमित नहीं हैं। मां-बाप बच्चों को साफ-सुथरा रखने के लिए ऐसी कई नैपकीन का इस्तेमाल करते हैं, जो रासायनिक पदर्थों से युक्त होती है।
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बच्चों के लिए इस्तेमाल होने वाले वाइप्स से जुड़ी कई तरह की समस्याएं बीते दिनों में सामने आई हैं। जिससे बच्चों के चेहरे और पिछले हिस्से पर जलन होने लगती थी और वो जगह लाल हो जाती , पर बात इतने तक ही सीमित नहीं है।
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हाल ही में डॉक्टरों की एक टीम ने इसे काफी खतरनाक बताया है। डेली मेल की खबर के अनुसार, डॉक्टर मैरी वू चैंग का कहना है कि उन्होंने पिछले दो साल में ऐसे छह मामले देखे हैं।
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वो बताती हैं कि उनकी पहली मरीज एक 8 साल की बच्ची थी। उसके मुंह और पिछले हिस्से पर लाल निशान थे।
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डॉक्टरों को लगता है कि ये संक्रमण मेथाइलआइजोथिएजोलिनोन की वजह से है, जो इन वाइप्स में काफी मात्रा में होता है। डॉक्टरों का कहना है कि इनकी उपयोगिता को नकारा तो नहीं जा सकता लेकिन उनकी सलाह यही है कि मां-बाप इसका कम से कम इस्तेमाल करें।