कहते हैं कि ईश्वर हर चीज को कंट्रोल करता है। कई बार पैर मुड़ने पर मौत हो जाती है और कई बार आसमान से गिरने पर भी आदमी जिंदा बच जाता है। ऐसा ही कुछ वाकया बंदायु के रेलवे स्टेशन पर देखने को मिला। 16 साल का एक नौजवान पटरी पर गिरा और तभी धड़धड़ाती ट्रेन उसके ऊपर से गुजर गई। कुदरत का करिश्मा देखिए कि बंदे का बाल भी बांका नहीं हुआ।
शहर में सिविल लाइंस रेलवे क्रासिंग पर हाईस्कूल का छात्र ट्रेन के नीचे आ गया। यहां मौजूद लोग अवाक होकर किसी अनहोनी के बारे में सोचते रह गए पर ट्रेन गुजरी तो उसे सही सलामत निकाल लिया गया। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसके हल्की खरोंचें लगी हैं।
सूत्रों के मुताबिक एसके इंटर कॉलेज में हाईस्कूल का छात्र अनिल (16) शहर के मोहल्ला पक्काबाग में रहता है। उसके पिता भगवानदास कचहरी पर जलजीरा का ठेला लगाते हैं। रविवार को पूर्वान्ह साढ़े ग्यारह बजे के करीब वह सिविल लाइन रेलवे क्रासिंग क्रासिंग से डीएम रोड की तरफ पटरी पर खड़ा था। इसी बीच बरेली से कासगंज जाने वाली पैसेंजर ट्रेन आ गई। तभी छात्र इंजन के आगे पटरी के बीच गिर पड़ा। इसके बाद तो तमाम लोगों ने मुंह पर हाथ रख लिया। लोगों की आंखें फटी रह गईं, अनहोनी की आशंका में वह एकटक देखते रहे और धड़धड़ाते हुए ट्रेन गुजर गई।
आश्चर्यचकित कर देने वाली बात दिखी कि ट्रेन गुजरने के बाद अनिल सही सलामत पीठ के बल पड़ा था। आस पास के लोगों ने दौड़कर उसे उठाया तो अनिल कपड़े झाड़कर उठ खड़ा हुआ। उसके सिर और पैर पर हल्की चोट थी, जो शायद पत्थरों की रगड़ से लगी थी।
हालांकि वह बुरी तरह से घबराया हुआ था। इन लोगों ने बिना देर किए उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। सूचना पर उसके परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। छात्र अनिल जहां फोटो खिंचवाने से परहेज करता रहा। वह यह नहीं बता पा रहा है कि ट्रेन के आगे कैसे आया। उसके पिता ने भी ऐसी किसी आशंका को गलत बताया, जिसकी वजह से अनिल को आत्महत्या के लिए विवश होना पड़े।
तमाम लोगों का कहना था कि शायद चक्कर आने की वजह से अनिल ट्रेन के आगे गिर पड़ा। वजह जो हो पर उसके सही सलामत निकलने के बाद सभी के चेहरे पर खुशी थी। लोग इसे कुदरत का करिश्मा बता रहे थे।