अक्सर मोटी काया वाले लोग खुद को उपेक्षित महसूस करते हैं और पतला होने के कई तरीके अपनाते हैं लेकिन एक जगह ऐसी भी है जहां मोटे होने पर हीरो का खिताब मिलता है। लोग मोटापे के लिए जीतोड़ मेहनत करते हैं।
इथोपिया के बोडी आदिवासियों में एक प्रतियोगिता आयोजित की जाती है जिसमें प्रतियोगियों को छह महीने के अंदर मोटा होना होता है।
इसके बाद सबसे मोटे व्यक्ति को विजेता बनाया जाता है। विजेता को कोई ईनाम नहीं मिलता बल्कि उसे पूरी जिंदगी के लिए हीरो का खिताब दे दिया जाता है।
इस प्रतियोगिता में हर घर से एक अविवाहित युवक शामिल हो सकता है। प्रतियोगिता के अंतिम दिन से छह महीने पहले तक प्रतियोगियों को एक अलग जगह रहना होता है। उसे कहीं और जाने और शारीरिक संबंध बनाने की भी मनाही होती है।
प्रतियोगी मोटा होने के लिए गाय का खून और दूध मिलाकर पीते हैं। उन्हें दिन में दो लीटर तक यह मिश्रण पीना होता है। गांव की महिला उन तक खाना पहुंचाती है।
अंतिम दिन सभी प्रतियोगी एक पवित्र जगह पहुंचते हैं जहां उन्हें सबके सामने चलकर अपना मोटापा दिखाना होता है, सबसे ज्यादा मोटे व्यक्ति को विजेता चुन लिया जाता है। इस दौरान कुछ युवक तो इतने मोटे हो जाते हैं कि उनके लिए चलना भी मुश्किल हो जाता है।
जीतने के बाद युवक कुछ समय तक खान-पान ठीक रखकर अपना वजन घटाता है और सामान्य जिंदगी जीने लगता है। फिर घर का कोई नया सदस्य इस प्रतियोगिता में भाग लेता है।