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सावधान! 12 से 50 साल तक औरत को शिकार बना लेता है ये

Thu, 13 Sep 2012 03:02 PM IST
आगरा/इंटरनेट डेस्क
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एंडोमेट्रिओसिस बीमारी कैंसर तो नहीं है, पर कैंसर की तरह फैलती है। यह एक जटिल बीमारी है और 12 से 50 साल की उम्र की महिलाओं में हो सकती है। इसकी डायग्नोसिस बहुत मुश्किल है, यह लेप्रोस्कोपी से कन्फर्म हो सकती है।

होटल क्लार्क सिराज में नार्ची (नेशनल एसोसिएशन ऑफ रिप्रोडक्टिव एंड चाइल्ड हेल्थ इन इंडिया) और एंडोमेट्रिओसिस सोसायटी ऑफ इंडिया के संयुक्त बैनर तले सेमिनार का आयोजन हुआ। इसमें देशभर से आए डाक्टरों ने एंडोमेट्रिओसिस बीमारी के सिम्टम्स, डायग्नोसिस और ट्रीटमेंट पर मंथन किया। डॉक्टरों ने बताया कि इस बीमारी का उपचार मुश्किल है, क्योंकि दवाओं और आपरेशन के बाद भी यह दोबारा हो जाती है।
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आगरा आब्सटेट्रिकल एंड गायनिकोलॉजिकल सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. सरोज सिंह ने अल्ट्रासाउंड, एमआरआई के माध्यम से बीमारी के डायग्नोसिस के बारे में बताया। डॉ. नरेंद्र मल्होत्रा ने बताया कि पीरिएड का ब्लड उल्टा पेट में चला जाता है तो यह बीमारी हो जाती है। डाक्टरों ने बताया कि इससे बांझपन हो जाता है।
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सेमिनार में इस बीमारी से जुड़े कई सवाल भी पूछे गए है, अधिक सवाल लड़कियों में इस बीमारी के होने के पर क्या रोकथाम किया जाए, के बारे में पूछा गया। कोलकाता से आए डॉ. पी महापात्रा ने संचालन करते हुए जवाब दिया। डॉक्टरों ने कहा कि पीरिएड के दौरान ज्यादा दर्द और कोशिश के बाद भी बच्चा पैदा न होने पर तत्काल डॉक्टरों से संपर्क करना चाहिए। सेमिनार डॉ. एस दवन, नागपुर की डॉ. मंजुला रोहतगी, लखनऊ की चंदनावती, जयपुर की वीना आचार्या, प्रो. डॉ. वरूण सरकार, डॉ. अलका सारस्वत ने व्याख्यान दिया। बड़ी संख्या में प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
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